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Sultanpur News: फर्म ने पोर्टल पर अपलोड करा दिया था भ्रामक विज्ञापन
Sun, 16 Mar 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 16 Mar 2025 12:50 AM IST
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सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की एजुकेटर की आउटसोर्सिंग भर्ती में एक के बाद एक गड़बड़ी का मामला सामने आ रहा है। भर्ती का कार्य कर रही एलाक्षी फर्म ने प्रकाशित विज्ञापन में ही खेल कर दिया था। पोर्टल पर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित कराने से सैकड़ों युवक व युवतियां आवेदन से वंचित रह गए। इस भ्रामक विज्ञापन को विभाग ने भी संशाेधित कराने के बजाय नजरअंदाज कर दिया।
आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए चयनित होने के बाद सेवा प्रदाता एलाक्षी फर्म ने भर्ती के लिए सेवायोजन विभाग की साइट पर भ्रामक विज्ञापन अपलोड करा दिया था। फर्म ने 42 पदों के तकनीकी अनुदेशकों की भर्ती के लिए सेवायोजन पोर्टल पर सही विज्ञापन अपलोड कराया, लेकिन एजुकेटर के 160 पदों के लिए भ्रामक विज्ञापन अपलोड किया।
फर्म ने सेवायोजन पोर्टल पर अनिवार्य योग्यता के शिक्षा समूह कॉलम में स्नातक लिखा, लेकिन वर्ग (स्ट्रीम) में केवल आर्ट लिख दिया। इतना ही नहीं इसके अगले शिक्षा स्तर के कॉलम में बैचलर ऑफ होम साइंस डाल दिया। वर्ग में आर्ट डालने व शिक्षा स्तर के कॉलम में बैचलर ऑफ होम साइंस डालने से दोनों कॉलम विरोधाभासी हो गए। होम साइंस विज्ञान वर्ग का विषय और आर्ट का गृह विज्ञान विषय होने से सैकड़ों आवेदक आवेदन से वंचित रह गए। नतीजा हुआ कि एजुकेटर के 160 पदों के लिए करीब 1260 आवेदन ही आ सके।
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कई प्रयास के बावजूद नहीं कर सके आवेदन
दूबेपुर क्षेत्र की प्रिया श्रीवास्तव ने बताया कि गृह विज्ञान से स्नातक होने के बाद भी उनका आवेदन कई बार प्रयास के बाद भी नहीं हो सका। मजबूरन तकनीकी अनुदेशक में आवेदन किया। भदैंया क्षेत्र के गुड़िया ने बताया कि होम साइंस में स्नातक होने के बाद भी उनका आवेदन नहीं हो सका। यही हालत श्वेता वर्मा का भी है। उन्होंने आवेदन की दिक्कत को बताया।
भ्रामक विज्ञापन मामले की भी होगी जांच
एजुकेटरों व तकनीकी अनुदेशकों की भर्ती जांच की परिधि में है। मुख्य विकास अधिकारी की ओर से प्रकरण को देखा जा रहा है। भ्रामक विज्ञापन के मामले की भी जांच कराई जाएगी। - कुमार हर्ष, डीएम।
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आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए चयनित होने के बाद सेवा प्रदाता एलाक्षी फर्म ने भर्ती के लिए सेवायोजन विभाग की साइट पर भ्रामक विज्ञापन अपलोड करा दिया था। फर्म ने 42 पदों के तकनीकी अनुदेशकों की भर्ती के लिए सेवायोजन पोर्टल पर सही विज्ञापन अपलोड कराया, लेकिन एजुकेटर के 160 पदों के लिए भ्रामक विज्ञापन अपलोड किया।
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फर्म ने सेवायोजन पोर्टल पर अनिवार्य योग्यता के शिक्षा समूह कॉलम में स्नातक लिखा, लेकिन वर्ग (स्ट्रीम) में केवल आर्ट लिख दिया। इतना ही नहीं इसके अगले शिक्षा स्तर के कॉलम में बैचलर ऑफ होम साइंस डाल दिया। वर्ग में आर्ट डालने व शिक्षा स्तर के कॉलम में बैचलर ऑफ होम साइंस डालने से दोनों कॉलम विरोधाभासी हो गए। होम साइंस विज्ञान वर्ग का विषय और आर्ट का गृह विज्ञान विषय होने से सैकड़ों आवेदक आवेदन से वंचित रह गए। नतीजा हुआ कि एजुकेटर के 160 पदों के लिए करीब 1260 आवेदन ही आ सके।
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कई प्रयास के बावजूद नहीं कर सके आवेदन
दूबेपुर क्षेत्र की प्रिया श्रीवास्तव ने बताया कि गृह विज्ञान से स्नातक होने के बाद भी उनका आवेदन कई बार प्रयास के बाद भी नहीं हो सका। मजबूरन तकनीकी अनुदेशक में आवेदन किया। भदैंया क्षेत्र के गुड़िया ने बताया कि होम साइंस में स्नातक होने के बाद भी उनका आवेदन नहीं हो सका। यही हालत श्वेता वर्मा का भी है। उन्होंने आवेदन की दिक्कत को बताया।
भ्रामक विज्ञापन मामले की भी होगी जांच
एजुकेटरों व तकनीकी अनुदेशकों की भर्ती जांच की परिधि में है। मुख्य विकास अधिकारी की ओर से प्रकरण को देखा जा रहा है। भ्रामक विज्ञापन के मामले की भी जांच कराई जाएगी। - कुमार हर्ष, डीएम।