{"_id":"6ad51c49aba4879a0505aadc","slug":"the-challenge-of-bringing-262-lakh-women-into-groups-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-167566-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: 2.62 लाख महिलाओं को समूहों से जोड़ने की चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: 2.62 लाख महिलाओं को समूहों से जोड़ने की चुनौती
Mon, 19 Oct 2026 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम धीमी चल रही है। जिले में 3.44 लाख महिलाओं को सदस्य बनाने का लक्ष्य है, लेकिन पांच माह में केवल 82 हजार महिलाएं ही जुड़ पाई हैं। अब 2.62 लाख महिलाओं को समूहों से जोड़ना बाकी है।
धीमी प्रगति को देखते हुए विभाग ने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अभियान में स्वयं सहायता समूहों की अध्यक्षों का सहयोग लिया जा रहा है। विभाग का जोर महिलाओं को समूहों से जोड़ने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है। इसके लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से महिलाओं को स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। महिलाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार काम चुन सकेंगी। साथ ही आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण और ऋण
जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न विभागों के सहयोग से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं अपनी इच्छा से काम चुनकर शुरुआत कर सकती हैं। एनआरएलएम के उपायुक्त केडी गोस्वामी के अनुसार, स्वरोजगार से पहले संबंधित काम का प्रशिक्षण दिया जाता है। छोटे कारोबार के लिए धनराशि और बड़े कारोबार के लिए बैंकों से ऋण की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आजीविका के साधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धीमी प्रगति को देखते हुए विभाग ने ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अभियान में स्वयं सहायता समूहों की अध्यक्षों का सहयोग लिया जा रहा है। विभाग का जोर महिलाओं को समूहों से जोड़ने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है। इसके लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से महिलाओं को स्वरोजगार की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। महिलाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार काम चुन सकेंगी। साथ ही आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
विज्ञापन
स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण और ऋण
जिला मिशन प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न विभागों के सहयोग से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाएं अपनी इच्छा से काम चुनकर शुरुआत कर सकती हैं। एनआरएलएम के उपायुक्त केडी गोस्वामी के अनुसार, स्वरोजगार से पहले संबंधित काम का प्रशिक्षण दिया जाता है। छोटे कारोबार के लिए धनराशि और बड़े कारोबार के लिए बैंकों से ऋण की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आजीविका के साधनों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
विज्ञापन