फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   The arrogance of power is sure to end: Dnyaneshwar

शक्ति के अहंकार का अंत निश्चित: ज्ञानेश्वर

Tue, 09 Jun 2026 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Tue, 09 Jun 2026 12:16 AM IST
विज्ञापन
The arrogance of power is sure to end: Dnyaneshwar
विंदेश्वरीगंज। देवरा गांव में चल रही शिवमहापुराण कथा के सातवें दिन रविवार को कथा प्रवाचक ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि शक्ति जब अहंकार का रूप लेती है, तो उसका अंत निश्चित होता है। उन्होंने भगवान शिव के तेज से उत्पन्न जालंधर की कथा सुनाई। कथा प्रवाचक ने बताया कि जालंधर अपनी पत्नी वृंदा के पतिव्रत धर्म के कारण अजेय था। उसने देवलोक पर विजय प्राप्त कर इंद्र का सिंहासन छीन लिया। अहंकार बढ़ने पर उसने माता पार्वती को प्राप्त करने के लिए कैलाश पर चढ़ाई की। धर्म की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वृंदा के सतीत्व का प्रभाव समाप्त किया। इसके बाद भगवान शिव ने जालंधर का वध कर अधर्म का अंत किया। देवताओं को उनका खोया वैभव वापस मिला। कथा के अंत में मुख्य यजमान मिथलेश और हरिशंकर तिवारी ने व्यासपीठ की आरती उतारी। संतोष तिवारी, सुधीर श्रीवास्तव, ज्ञान शंकर तिवारी, संजय, ललित, विनय, अनुराग, निशांत, अमित, प्रशांत सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed