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लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे सात रेलवे कर्मियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Sat, 04 Jul 2020 09:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 09:30 PM IST
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Sword of hanging action on seven railway personnel running non-spot
सुल्तानपुर। चार साल से अधिक समय से ड्यूटी से बिना बताए गैर हाजिर चल रहे सात ट्रैक मैनों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। स्थानीय रेल उपमंडल के सात कर्मचारियों को रेल सेवा अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में अंतिम नोटिस भी जारी कर दी गई है। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ रेलवे की इस वर्ष की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अपना पक्ष नहीं प्रस्तुत करने की दशा में कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जाएगा।
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लंबे समय से ड्यूटी से नदारद चल रहे ट्रैक मैनों पर अब रेलवे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नौकरी हासिल करने के बाद ड्यूटी से नदारद रहनेे वाले सात रेल कर्मचारियों को विभाग की ओर से लापरवाह व गैर जिम्मेदार करार दिया गया है।
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ये रेल कर्मचारी ट्रैकमैन के पद पर नियुक्त हैं। सुल्तानपुर उप रेल मंडल के अधीनस्थ चतुर्थ श्रेणी के सात कर्मचारियों को लंबे समय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर रेल सेवा अनुशासन व अपील नियम के तहत रेल सेवा से निष्कासित करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है।
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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ये सभी रेल कर्मचारी कई साल से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। कुछ कर्मचारी चार-पांच साल जबकि कुछ नौ साल से अनुपस्थित चल रहे हैं। इन सभी कर्मचारियों को रेल सेवा अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में अंतिम नोटिस जारी कर दी गई है। जिन कर्मचारियों को नोटिस जारी की गई है, उनमें से एक का गृह जनपद सुल्तानपुर है। बाकी अन्य जनपदों के रहने वाले हैं।
सुल्तानपुर। स्थानीय रेल उप मंडल के अंतर्गत ट्रैकमैन देश कुमार निवासी रायबरेली, संदीप कुमार निवासी छपरा, प्रमोद कुमार निवासी नई दिल्ली, शैलेंद्र कुमार निवासी औरंगाबाद, धर्मेंद्र कुमार निवासी रोहतास, रामदास निवासी जालौन, राम कुमार निवासी सुल्तानपुर को नोटिस जारी की गई है।
नवंबर 2016 में कानपुर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस के बेपटरी हो जाने से 145 यात्रियों की मौत हो गई थी। उस दौरान रेल हादसे के जिम्मेदार कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी।

साथ ही रेल पटरी के निगरानी के सख्त निर्देश दिए गए थे। इसके बाद स्थानीय रेल उप मंडल में भी सख्ती की गई और अरसे से गैर हाजिर चल रहे करीब 50 चतुर्थ श्रेणी रेल कर्मचारियों (ट्रैकमैन) को वर्ष 2016/17 में निष्कासित कर दिया गया था।
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