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एक्सईएन समेत अभियंताओं पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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सुल्तानपुर। सिंचाई खंड की ओर से संचालित नहरों व माइनर की पटरी में हुई कटान से हुए फसल नुकसान के मामले में अधिशासी अभियंता समेत सात कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ने इस मामले में सिंचाई खंड के एक्सईएन, एई समेत सात कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। इस आशय का पत्र उन्होंने मुख्य अभियंता को भेजा है।
पिछले दिनों अलग-अलग स्थानों पर नहरों में कटान होने से सैकड़ों बीघे किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इस मामले में सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष राजीव सिंह के हस्तक्षेप के बाद अधीक्षण अभियंता आरके जैन की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है।
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अधीक्षण अभियंता ने 22 दिसंबर को मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है। मुख्य अभियंता को भेजे पत्र में कहा है कि पानी चलने के दौरान किसी भी तरह की टूट-फूट की जिम्मेदारी समिति की होती है।
यदि समिति की ओर से सही ढंग से कार्य नहीं कराया गया तो संबधित अधिकारी समिति को नोटिस जारी करता है। सक्षम अधिकारी को कार्रवाई करने का अधिकार है। फिर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने इस मामले में सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता समेत सात कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है।
सिंचाई खंड के एक्सईएन समेत अन्य कर्मचारियों के समर्थन में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ आगे आया है। संगठन के मंडल अध्यक्ष उदयभान ने इस मामले में मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है।
उनका कहना है कि सिंचाई खंड में नहरों की देखरेख व सिल्ट सफाई का कार्य जल उपभोक्ता समितियों के जिम्मे रहता है। अज्ञात कारणों से होने वाली कटान को बंधवाने की जिम्मेदारी समितियों की है।
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सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ने इस मामले में सिंचाई खंड के एक्सईएन, एई समेत सात कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। इस आशय का पत्र उन्होंने मुख्य अभियंता को भेजा है।
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पिछले दिनों अलग-अलग स्थानों पर नहरों में कटान होने से सैकड़ों बीघे किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इस मामले में सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष राजीव सिंह के हस्तक्षेप के बाद अधीक्षण अभियंता आरके जैन की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है।
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अधीक्षण अभियंता ने 22 दिसंबर को मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है। मुख्य अभियंता को भेजे पत्र में कहा है कि पानी चलने के दौरान किसी भी तरह की टूट-फूट की जिम्मेदारी समिति की होती है।
यदि समिति की ओर से सही ढंग से कार्य नहीं कराया गया तो संबधित अधिकारी समिति को नोटिस जारी करता है। सक्षम अधिकारी को कार्रवाई करने का अधिकार है। फिर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने इस मामले में सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता समेत सात कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है।
सिंचाई खंड के एक्सईएन समेत अन्य कर्मचारियों के समर्थन में सिविल डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ आगे आया है। संगठन के मंडल अध्यक्ष उदयभान ने इस मामले में मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है।
उनका कहना है कि सिंचाई खंड में नहरों की देखरेख व सिल्ट सफाई का कार्य जल उपभोक्ता समितियों के जिम्मे रहता है। अज्ञात कारणों से होने वाली कटान को बंधवाने की जिम्मेदारी समितियों की है।