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युवती को अश्लील मैसेज भेजने के आरोपी पूर्व कोतवाल ने किया सरेंडर, रिहा
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सुल्तानपुर। दुष्कर्म पीड़िता को अश्लील मैसेज भेजने के आरोपी पूर्व नगर कोतवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सीजेएम हरीश कुमार ने आरोपी पूर्व नगर कोतवाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कुड़वार थाने के सोहगौली गांव निवासी शुभम तिवारी पर मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र की एक गांव की युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। मामले में 21 जुलाई 2018 को केस दर्ज किया गया था।
आरोप है कि तत्कालीन कुड़वार एसओ नंद कुमार तिवारी युवती को मुकदमे में मदद करने का प्रलोभन देकर उसके पास व्हाट्स एप पर अश्लील मैसेज भेजते थे। कुड़वार थाने से तबादला होने के बाद नगर कोतवाल बन जाने के बाद भी वे युवती के पास अश्लील मैसेज भेजा करते थे।
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चार जनवरी 2019 को कोतवाल नंद कुमार तिवारी को निलंबित कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में पिछले चार दिसंबर को पूर्व कोतवाल ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी।
शुक्रवार को पूर्व कोतवाल ने फिर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। उन्होंने युवती पर ब्लैकमेल कर रुपये मांगने का आरोप लगाया। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रहरि ने प्रार्थनापत्र देकर कोतवाल के वाट्सएप मैसेज को फर्जी बताया।
सीजेएम हरीश कुमार ने कोतवाल की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने और अगली सुनवाई के लिए 18 जनवरी की तिथि नियत कर दी है।
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कुड़वार थाने के सोहगौली गांव निवासी शुभम तिवारी पर मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र की एक गांव की युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। मामले में 21 जुलाई 2018 को केस दर्ज किया गया था।
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आरोप है कि तत्कालीन कुड़वार एसओ नंद कुमार तिवारी युवती को मुकदमे में मदद करने का प्रलोभन देकर उसके पास व्हाट्स एप पर अश्लील मैसेज भेजते थे। कुड़वार थाने से तबादला होने के बाद नगर कोतवाल बन जाने के बाद भी वे युवती के पास अश्लील मैसेज भेजा करते थे।
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चार जनवरी 2019 को कोतवाल नंद कुमार तिवारी को निलंबित कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में पिछले चार दिसंबर को पूर्व कोतवाल ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी।
शुक्रवार को पूर्व कोतवाल ने फिर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। उन्होंने युवती पर ब्लैकमेल कर रुपये मांगने का आरोप लगाया। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रहरि ने प्रार्थनापत्र देकर कोतवाल के वाट्सएप मैसेज को फर्जी बताया।
सीजेएम हरीश कुमार ने कोतवाल की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहा करने और अगली सुनवाई के लिए 18 जनवरी की तिथि नियत कर दी है।