फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Supporters angry over attack on Gayatri Prasad

Sultanpur News: गायत्री प्रसाद पर हमले से समर्थकों में आक्रोश

Thu, 02 Oct 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Thu, 02 Oct 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
Supporters angry over attack on Gayatri Prasad
अमेठी के आवास विकास कॉलोनी ​स्थित पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापित के आवास के सामने खड़े समर्थक। -
अमेठी सिटी। लखनऊ जिला जेल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हमले से उनके समर्थकों में आक्रोश व्याप्त है। बुधवार को उनके घर व कार्यालय पर एकत्रित लोगों ने गायत्री प्रसाद की जेल से रिहाई कराने की मांग की। साथ ही हमले के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उधर, अष्टमी पर पूजा-अर्चना के लिए अमेठी आए गायत्री प्रसाद के परिवार के लोगों को सोशल मीडिया से घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद सभी रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन



पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद पर मंगलवार को जिला जेल लखनऊ में हमला हुआ था। उस वक्त उनकी पत्नी अमेठी से सपा विधायक महराजी प्रजापति, बेटे अनिल व अनुराग, बेटियां सुधा व अंकिता, दोनों बहुएं व नाती अमेठी में थे। गायत्री प्रसाद के गांव परसावां में हर साल की भांति इस बार भी देवी मां की प्रतिमा स्थापित कराई गई है। वहीं पूजन के लिए सभी अमेठी स्थित आवास पर एकत्र हुए थे। अमेठी आवास पर ही अष्टमी को कन्याभोज भी कराया गया था।
विज्ञापन



शाम करीब सात बजे सोशल मीडिया के जरिए उन्हें पता चला कि गायत्री प्रसाद पर हमला हुआ है। उसी वक्त परिवार के सभी लोग लखनऊ रवाना हो गए। गायत्री प्रसाद के भतीजे अरुण प्रजापति ने बताया कि घटना बहुत निंदनीय है। साजिशन पूर्व मंत्री पर हमला कराया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विधायक महराजी ज्यादातर अमेठी में रहती हैं। उनके दोनों बेटे अधिकतर लखनऊ में रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन





आदमी जेल में सुरक्षित नहीं तो कहां रहेगा
सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि गायत्री प्रसाद प्रजापति पार्टी के पूर्व मंत्री व विधायक थे। उनके साथ हुई घटना निंदनीय है। आदमी जब जेल में सुरक्षित नहीं है तो कहां रहेगा। भाजपा सरकार सुरक्षा सहित अन्य सभी मोर्चों पर विफल है। पूर्व मंत्री का प्रोटोकॉल होता है, फिर भी यह घटना सरकार पर सवाल खड़े करती है। पार्टी के जिला प्रवक्ता राजेश मिश्र ने कहा कि यह घटना कायराना पूर्ण है। सरकार पूर्व मंत्री की हत्या कराना चाहती है। पुलिस अभिरक्षा में जब जेल में लोग सुरक्षित नहीं हैं, जनता किसके भरोसे सुरक्षित महसूस करे। पदाधिकारियों ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। गायत्री प्रसाद के अमेठी स्थित आवास पर मौजूद बीडीसी बंटी यादव, अशोक यादव, शंभूनाथ यादव, सुमन कश्यप, वीरू यादव, विद्यासागर आदि ने गायत्री प्रसाद को जेल से बाहर निकालने की मांग सरकार से की है।






वर्ष 2017 से जेल में हैं गायत्री प्रसाद
अमेठी के परसावां गांव निवासी गायत्री प्रसाद ने वर्ष 2012 के पूर्व कई बार विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर सदन पहुंचे गायत्री प्रसाद को स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया। उसके बाद सिंचाई राज्यमंत्री बने। अखिलेश सरकार ने गायत्री प्रसाद का कद बढ़ाया और कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए खनन विभाग की जिम्मेदारी दी। इसी बीच आरोपों में घिरने के बाद विभाग छिन गया, लेकिन फिर गायत्री प्रजापति को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2017 में चित्रकूट की महिला ने उन पर संगीन आरोप लगाए। इसके बाद भी सपा ने उन्हें टिकट दिया, लेकिन वह हार गए, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में ही हैं। खनन, अवैध संपत्ति के मामले में सीबीआई, ईडी सहित अन्य संस्थाओं ने जांच की, जिसके बाद उनकी कई संपत्तियां सीज हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed