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कन्वर्जन कॉस्ट वा राशन वितरण में प्रदेश में सुल्तानपुर अव्वल
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सुल्तानपुर। मध्याह्न भोजन योजना में प्रयुक्त होने वाले राशन व कन्वर्जन कॉस्ट के डीबीटी में सुल्तानपुर जनपद को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा मंत्री की ऑनलाइन समीक्षा बैठक में इसके लिए वाहवाही भी मिली है। जिले में 83.74 फीसदी राशन वितरण व कन्वर्जन कॉस्ट का डीबीटी हो चुका है।
जिले के मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 65 हजार 354 छात्र-छात्राओं को कन्वर्जन कॉस्ट व राशन का वितरण किया जाना है।
इसमें से दो लाख 22 हजार 212 छात्र-छात्राओं को कन्वर्जन कॉस्ट का डीबीटी और राशन वितरण किया जा चुका है, जो कुल छात्र-छात्राओं का 83.74 फीसदी है।
वितरित किए गए छात्र-छात्राओं की संख्या प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। ऑनलाइन समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कन्वर्जन कॉस्ट व राशन वितरण में अव्वल स्थान पाने के लिए जिले के बीएसए की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य जनपद भी इसी तरह राशन वितरण व कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी कराने में शीघ्रता लाएं।
दूबेपुर में सर्वाधिक व भदैंया में सबसे कम वितरण
मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों के पंजीकृत छात्र-छात्राओं को कोरोना काल में बंदी के समय का कन्वर्जन कॉस्ट व राशन वितरण किया जा रहा है।
जिला समन्वयक संदीप यादव ने बताया कि वितरण में अव्वल नंबर पर दूबेपुर विकास खंड क्षेत्र है, जहां 95.38 फीसदी वितरण हुआ है। कूरेभार में 94.87, अखंडनगर में 94.07, कुड़वार में 91.15, दोस्तपुर में 90.10, धनपतगंज में 89.61 व मोतिगरपुर में 87.08 फीसदी वितरण कराया गया है।
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सबसे कम वितरण भदैंया विकास खंड क्षेत्र में हुआ है, जहां मात्र 41.01 फीसदी बच्चों में कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी और राशन वितरण कराया गया है।
लापरवाही वाले हेडमास्टरों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
एमडीएम कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी व राशन वितरण में लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टरों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वितरण न करने वाले प्रधानाध्यापकों की सूची उपलब्ध कराएं।
- दीवान सिंह यादव, बीएसए।
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जिले के मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख 65 हजार 354 छात्र-छात्राओं को कन्वर्जन कॉस्ट व राशन का वितरण किया जाना है।
इसमें से दो लाख 22 हजार 212 छात्र-छात्राओं को कन्वर्जन कॉस्ट का डीबीटी और राशन वितरण किया जा चुका है, जो कुल छात्र-छात्राओं का 83.74 फीसदी है।
वितरित किए गए छात्र-छात्राओं की संख्या प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। ऑनलाइन समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कन्वर्जन कॉस्ट व राशन वितरण में अव्वल स्थान पाने के लिए जिले के बीएसए की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य जनपद भी इसी तरह राशन वितरण व कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी कराने में शीघ्रता लाएं।
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दूबेपुर में सर्वाधिक व भदैंया में सबसे कम वितरण
मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों के पंजीकृत छात्र-छात्राओं को कोरोना काल में बंदी के समय का कन्वर्जन कॉस्ट व राशन वितरण किया जा रहा है।
जिला समन्वयक संदीप यादव ने बताया कि वितरण में अव्वल नंबर पर दूबेपुर विकास खंड क्षेत्र है, जहां 95.38 फीसदी वितरण हुआ है। कूरेभार में 94.87, अखंडनगर में 94.07, कुड़वार में 91.15, दोस्तपुर में 90.10, धनपतगंज में 89.61 व मोतिगरपुर में 87.08 फीसदी वितरण कराया गया है।
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सबसे कम वितरण भदैंया विकास खंड क्षेत्र में हुआ है, जहां मात्र 41.01 फीसदी बच्चों में कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी और राशन वितरण कराया गया है।
लापरवाही वाले हेडमास्टरों के विरुद्ध होगी कार्रवाई
एमडीएम कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी व राशन वितरण में लापरवाही बरतने वाले हेडमास्टरों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वितरण न करने वाले प्रधानाध्यापकों की सूची उपलब्ध कराएं।
- दीवान सिंह यादव, बीएसए।