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Sultanpur News: सुनहरे भविष्य की तैयारी कर रहे छात्रों का आज असुरक्षित
Sat, 03 Aug 2024 02:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 03 Aug 2024 02:43 AM IST
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सुल्तानपुर। शहर में चल रहीं डिजिटल लाइब्रेरी में सुरक्षा नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया गया है। सभी लाइब्रेरी बिना किसी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और आपदा के वक्त निपटने के लिए किए जाने वाले इंतजामों के बगैर ही चलाई जा रही हैं। लाइब्रेरी में सुनहरे भविष्य की तैयारी कर रहे इन छात्रों का आज भी असुरक्षित बना हुआ हैै।
शहर में ही करीब 60 लाइब्रेरी संचालित हैं। इसके अलावा ग्रामीण बाजारों में भी बड़ी तादाद में लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है। शहर में ऐसे तमाम इलाके हैं, जहां तंग गलियों में बिना किसी सुरक्षा मानकों का पालन किए बड़ी संख्या में लाइब्रेरी संचालित हैं। जिसमें पंत स्टेडियम के पास, राहुल चौराहा, डीएम आवास के पास, डाकखाना, जीएन रोड, पंच रास्ता, दरियापुर, बाध मंडी, ओमनगर, विवेक नगर, पयागीपुर, अमहट समेत अन्य स्थान शामिल हैं। इन जगहों पर एंट्री-एग्जिट गेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लेकर फायर सेफ्टी इंतजामों की भी घोर लापरवाही देखने को मिली है। ऐसे स्थान पर लाइब्रेरी संचालित हैं, जहां हादसों के वक्त मदद के लिए वाहन तक नहीं पहुंच सकते।
फायर सेफ्टी को लेकर किए जाने वाले इंतजाम कई संस्थानों में नाकाफी हैं। यहां अग्निशामक यंत्र भी नहीं लगे हैं। जो लगे भी हैं, इनमें से ज्यादातर एक्सपायरी डेट से ऊपर निकल चुके हैं। बहुमंजिला इमारतों में संचालित होने वाली इस तरह की लाइब्रेरी ज्यादातर तंग गलियों में हैं। किसी भी लाइब्रेरी को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं मिले हैं।
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कोट
डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी का रजिस्ट्रेशन मेरे विभाग में नहीं होता है और न ही मेरे अधिकार क्षेत्र में आता है।मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि काेचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में अग्निशामक यंत्रों की जांच के लिए टीम बनाई गयी है, जांच चल रही है।
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शहर में ही करीब 60 लाइब्रेरी संचालित हैं। इसके अलावा ग्रामीण बाजारों में भी बड़ी तादाद में लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है। शहर में ऐसे तमाम इलाके हैं, जहां तंग गलियों में बिना किसी सुरक्षा मानकों का पालन किए बड़ी संख्या में लाइब्रेरी संचालित हैं। जिसमें पंत स्टेडियम के पास, राहुल चौराहा, डीएम आवास के पास, डाकखाना, जीएन रोड, पंच रास्ता, दरियापुर, बाध मंडी, ओमनगर, विवेक नगर, पयागीपुर, अमहट समेत अन्य स्थान शामिल हैं। इन जगहों पर एंट्री-एग्जिट गेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लेकर फायर सेफ्टी इंतजामों की भी घोर लापरवाही देखने को मिली है। ऐसे स्थान पर लाइब्रेरी संचालित हैं, जहां हादसों के वक्त मदद के लिए वाहन तक नहीं पहुंच सकते।
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फायर सेफ्टी को लेकर किए जाने वाले इंतजाम कई संस्थानों में नाकाफी हैं। यहां अग्निशामक यंत्र भी नहीं लगे हैं। जो लगे भी हैं, इनमें से ज्यादातर एक्सपायरी डेट से ऊपर निकल चुके हैं। बहुमंजिला इमारतों में संचालित होने वाली इस तरह की लाइब्रेरी ज्यादातर तंग गलियों में हैं। किसी भी लाइब्रेरी को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं मिले हैं।
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डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी का रजिस्ट्रेशन मेरे विभाग में नहीं होता है और न ही मेरे अधिकार क्षेत्र में आता है।मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि काेचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में अग्निशामक यंत्रों की जांच के लिए टीम बनाई गयी है, जांच चल रही है।