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रेलवे स्टेशन पर सियार की खाल के साथ तस्कर दबोचा
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सुल्तानपुर। दिल्ली से माल्दा टाउन जाने वाली फरक्का डाउन एक्सप्रेस से बुधवार को पश्चिम बंगाल जाने की फिराक में रेलवे स्टेशन पर खड़े एक तस्कर को वन विभाग व जीआरपी की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को दबोच लिया। तस्कर के पास सियार की करीब 40 किलोग्राम वजन की खाल बरामद हुई।
सुल्तानपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बृहस्पतिवार की सुबह जीआरपी व वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक के पास से चार बैग बरामद हुए।
बैग में सियार की खाल बरामद हुई। बरामद की गई खाल का वजन करीब 40 किलोग्राम है। पकड़े गए युवक की शिनाख्त बाबू पुत्र स्व. श्याम बिहारी निवासी ग्राम पकड़ी थाना कोतवाली देहात के रूप में हुई।
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पूछताछ में उसने बताया कि वह खाल लेकर फरक्का एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल जाने वाला था। वहां वह खाल को बेचता। क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र ने बताया कि सूखी खाल लेकर आरोपी पश्चिम बंगाल जाने वाला था। उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया।
तंत्र-मंत्र में भी होता सियार की खाल का उपयोग
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सियार की खाल का उपयोग लोग अंधविश्वास से जुड़े कार्यों में करते हैं। वर्ष 2017 में वन विभाग की टीम ने एक तांत्रिक को नोएडा में पकड़ा था। उसके पास से सियार की खाल, गोह समेत अन्य कई संरक्षित जीवों के अवशेष मिले थे। इस आधार पर माना जा रहा है कि सियार की खाल का उपयोग तंत्र-मंत्र के लिए भी किया जाता है।
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सुल्तानपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बृहस्पतिवार की सुबह जीआरपी व वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक के पास से चार बैग बरामद हुए।
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बैग में सियार की खाल बरामद हुई। बरामद की गई खाल का वजन करीब 40 किलोग्राम है। पकड़े गए युवक की शिनाख्त बाबू पुत्र स्व. श्याम बिहारी निवासी ग्राम पकड़ी थाना कोतवाली देहात के रूप में हुई।
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पूछताछ में उसने बताया कि वह खाल लेकर फरक्का एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल जाने वाला था। वहां वह खाल को बेचता। क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र ने बताया कि सूखी खाल लेकर आरोपी पश्चिम बंगाल जाने वाला था। उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया।
तंत्र-मंत्र में भी होता सियार की खाल का उपयोग
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सियार की खाल का उपयोग लोग अंधविश्वास से जुड़े कार्यों में करते हैं। वर्ष 2017 में वन विभाग की टीम ने एक तांत्रिक को नोएडा में पकड़ा था। उसके पास से सियार की खाल, गोह समेत अन्य कई संरक्षित जीवों के अवशेष मिले थे। इस आधार पर माना जा रहा है कि सियार की खाल का उपयोग तंत्र-मंत्र के लिए भी किया जाता है।