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Sultanpur News: खेल मैदान कम पड़े, मेडल कैसे बढ़ें

Sun, 26 Jul 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Sun, 26 Jul 2026 11:37 PM IST
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Shortage of Sports Grounds: How to Increase Medal Counts?
जीआईसी खेल मैदान में बने ​शिक्षा विभाग के कार्यालय। संवाद
सुल्तानपुर। जिले में खेल मैदानों की कमी के कारण हजारों विद्यार्थियों की ओलंपिक और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनने की उम्मीदें धूमिल हो रही हैं। जिले के 29 राजकीय और 58 एडेड कॉलेजों में से केवल 12 के पास ही पर्याप्त खेल मैदान उपलब्ध हैं। बाकी विद्यालयों में बच्चे या तो छोटे परिसरों में अभ्यास करते हैं या खेल गतिविधियां मात्र औपचारिकता बनकर रह गई हैं।
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कुल 75 विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक तो तैनात हैं, लेकिन उनके पास खिलाड़ियों के लिए मैदान नहीं हैं। वहीं, आठ विद्यालयों में मैदान होने के बावजूद व्यायाम शिक्षक नहीं हैं। इस स्थिति से खेल शिक्षा और प्रतिभा विकास दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि खेल मैदान बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का आधार हैं।
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खेल मैदान पहली जरूरत
खेल विशेषज्ञ दिलीप कुमार ने कहा कि खेल मैदान किसी भी खिलाड़ी की पहली जरूरत है। उन्होंने ग्राम समाज, राजस्व या अन्य सरकारी भूमि पर मैदान विकसित करने का सुझाव दिया। जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने ब्लॉक स्तर पर साझा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने का विचार रखा। इससे आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास की सुविधा मिल सकेगी। सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटा शंकर ने भी साझा खेल परिसर को एक व्यावहारिक समाधान बताया।
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खेल संस्कृति की वापसी के उपाय
शिक्षाविद सर्वेशकांत के अनुसार, सीएसआर, मनरेगा, ग्राम पंचायतों और स्थानीय समाज की भागीदारी से खेल मैदानों की कमी को दूर किया जा सकता है। स्कूलों में खेल संस्कृति लौटाने के लिए मैदान विहीन विद्यालयों का सर्वे कराया जाना चाहिए। खाली सरकारी भूमि पर नए खेल मैदान विकसित करने और अतिक्रमण हटाकर पुराने मैदानों को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। विद्यालय प्रबंधन समिति और स्थानीय समाज की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।


मैदान ही खिलाड़ी की पहली पाठशाला
क्रीड़ा सचिव दिलीप सिंह ने कहा कि हर बड़ा खिलाड़ी स्कूल के मैदान से ही निकलता है। खिलाड़ी सुरेश चंद्र यादव ने हर विद्यालय में मैदान या साझा रनिंग ट्रैक उपलब्ध कराने की बात कही। उनका मानना है कि नियमित अभ्यास और बेहतर सुविधाएं मिलने पर जिले की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं। वर्तमान में जिले से 8 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक और 10 खिलाड़ी राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं।
फैक्ट फाइल-
राजकीय विद्यालय : 29
एडेड कॉलेज : 58
पर्याप्त खेल मैदान वाले विद्यालय : 12
व्यायाम शिक्षक हैं, मैदान नहीं : 75
मैदान हैं, व्यायाम शिक्षक नहीं : 8
राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे खिलाड़ी : 8
राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त खिलाड़ी : 10
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