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Sultanpur News: सात साल बीते, अभियाकलां बरात घर में नहीं बजी शहनाई
Sun, 29 Sep 2024 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 29 Sep 2024 12:26 AM IST
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भदैंया के अभियाकलां में बना बारात घर। संवाद
दूल्हा-दुल्हन के इंतजार में जर्जर हो गया सांसद निधि से बना भवन
आबादी से दूरी के चलते बरात घर में नहीं हुआ एक भी कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
भदैंया (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के अभियाकलां गांव में सात साल पहले आबादी से दूर बनाए गए बरात घर में आज तक शहनाई नहीं गूंजी है। सांसद निधि से बना बरात घर में दूल्हा-दुल्हन तो नहीं आए, लेकिन कुछ ही वर्षों में भवन जर्जर हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक घटिया निर्माण व आबादी से दूर होने की वजह से यहां कोई भी वैवाहिक आयोजन नहीं हो सका।
2014 में तत्कालीन सांसद वरुण गांधी ने विकास खंड मुख्यालय के अभियाकलां गांव पहुंचकर ग्रामीणों को बरात घर का तोहफा दिया था। वर्ष 2017 में बरात घर बनकर तैयार भी हो गया। करीब 25 लाख की लागत से बने विवाह घर में पहली समस्या रास्ते की थी। दूसरी, आबादी से काफी दूर इसका निर्माण कराया गया है। इसकी वजह से सात साल बाद भी कोई बरात यहां नहीं पहुंची है। अभी भी बरात घर को दूल्हा-दुल्हन का इंतजार है कि कब उसकी ड्योढी पर शहनाई बजे और बरातियों की दस्तक हो। अब पक्की सड़क तो बन गई। फिर भी आबादी से दूरी, अव्यवस्था और घटिया निर्माण की वजह से बरात घर का उपयोग नहीं किया जा रहा है।
तोड़ा शिलापट, उग आए झाड़-झंखाड़
बरात घर में लगा तत्कालीन सांसद वरुण गांधी का शिलापट अराजकतत्वों ने तोड़ दिया। दीवारें काली होने लगी हैं और चारों तरफ झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। कोरोना काल में बाहर से आए प्रवासियों के लिए बारात घर का उपयोग होम क्वारंटाइन के रूप में किया गया था। अब तो ग्रामीण बारात घर में कृषि उपयोगी सामान रखने लगे हैं।
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शिलापट तोड़ा जाना गंभीर मसला
बरात घर का शिलापट तोड़ा जाना गंभीर मामला है। इससे जनप्रतिनिधियों का सम्मान प्रभावित होता है। बारात घर का अवलोकन कर इसकी सूचना आधिकारिक तौर पर देकर कार्रवाई की जाएगी। - सुशील त्रिपाठी, काशी क्षेत्र महामंत्री व तत्कालीन सांसद प्रतिनिधि।
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आबादी से दूरी के चलते बरात घर में नहीं हुआ एक भी कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
भदैंया (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के अभियाकलां गांव में सात साल पहले आबादी से दूर बनाए गए बरात घर में आज तक शहनाई नहीं गूंजी है। सांसद निधि से बना बरात घर में दूल्हा-दुल्हन तो नहीं आए, लेकिन कुछ ही वर्षों में भवन जर्जर हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक घटिया निर्माण व आबादी से दूर होने की वजह से यहां कोई भी वैवाहिक आयोजन नहीं हो सका।
2014 में तत्कालीन सांसद वरुण गांधी ने विकास खंड मुख्यालय के अभियाकलां गांव पहुंचकर ग्रामीणों को बरात घर का तोहफा दिया था। वर्ष 2017 में बरात घर बनकर तैयार भी हो गया। करीब 25 लाख की लागत से बने विवाह घर में पहली समस्या रास्ते की थी। दूसरी, आबादी से काफी दूर इसका निर्माण कराया गया है। इसकी वजह से सात साल बाद भी कोई बरात यहां नहीं पहुंची है। अभी भी बरात घर को दूल्हा-दुल्हन का इंतजार है कि कब उसकी ड्योढी पर शहनाई बजे और बरातियों की दस्तक हो। अब पक्की सड़क तो बन गई। फिर भी आबादी से दूरी, अव्यवस्था और घटिया निर्माण की वजह से बरात घर का उपयोग नहीं किया जा रहा है।
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तोड़ा शिलापट, उग आए झाड़-झंखाड़
बरात घर में लगा तत्कालीन सांसद वरुण गांधी का शिलापट अराजकतत्वों ने तोड़ दिया। दीवारें काली होने लगी हैं और चारों तरफ झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। कोरोना काल में बाहर से आए प्रवासियों के लिए बारात घर का उपयोग होम क्वारंटाइन के रूप में किया गया था। अब तो ग्रामीण बारात घर में कृषि उपयोगी सामान रखने लगे हैं।
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शिलापट तोड़ा जाना गंभीर मसला
बरात घर का शिलापट तोड़ा जाना गंभीर मामला है। इससे जनप्रतिनिधियों का सम्मान प्रभावित होता है। बारात घर का अवलोकन कर इसकी सूचना आधिकारिक तौर पर देकर कार्रवाई की जाएगी। - सुशील त्रिपाठी, काशी क्षेत्र महामंत्री व तत्कालीन सांसद प्रतिनिधि।