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Sultanpur News: देखें... साफ करें और ढकें, फॉर्मूले से दूर रहेगा डेंगू
Sat, 17 May 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 17 May 2025 12:10 AM IST
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सीएमओ कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में डेंगू रोकने की शपथ लेते स्वास्थ्य अधिकारी
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में संगोष्ठी आयाेजित हुई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वंशीलाल ने संगोष्ठी में कहा कि डेंगू जानलेवा भी हो सकता है। समय पर उपचार जरूरी है। इससे बचाव के लिए अपने आसपास साफ-सफाई रखें। मच्छरों को पनपने न दें। देखें... साफ करें, ढकें, फार्मूले से डेंगू को दूर रखा जा सकता है।
एसीएमओ डॉ. लालजी ने कहा कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मादा मच्छर है। जो साफ पानी में पनपता है। इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो यह खतरनाक हो जाता है। शरीर में चकत्ते आना या नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना डेंगू के खतरनाक लक्षण हैं। मरीज को भर्ती करना बहुत जरूरी हो जाता है। प्लेटलेट उन्हीं मरीजों को चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, जिनके शरीर से ब्लीडिंग होने लगती है। कार्यक्रम में विजय राय, जीव विज्ञानी प्रियंका त्रिपाठी, अजय कुमार त्रिपाठी, मनोज कुमार, सूर्यांश प्रताप सिंह, पूनम सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बरतें ये सावधानियां
सहायक मलेरिया अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू होने पर प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाएं, चिकित्सक की निगरानी में दवा के साथ पर्याप्त बेड रेस्ट लें। तरल भोज्य पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं, आसपास मच्छरों को पनपने से रोकें, समय पर उपचार नहीं लेने से डेंगू जानलेवा हो सकता है।
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एसीएमओ डॉ. लालजी ने कहा कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मादा मच्छर है। जो साफ पानी में पनपता है। इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो यह खतरनाक हो जाता है। शरीर में चकत्ते आना या नाक, मुंह व मसूड़ों से खून आना डेंगू के खतरनाक लक्षण हैं। मरीज को भर्ती करना बहुत जरूरी हो जाता है। प्लेटलेट उन्हीं मरीजों को चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, जिनके शरीर से ब्लीडिंग होने लगती है। कार्यक्रम में विजय राय, जीव विज्ञानी प्रियंका त्रिपाठी, अजय कुमार त्रिपाठी, मनोज कुमार, सूर्यांश प्रताप सिंह, पूनम सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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बरतें ये सावधानियां
सहायक मलेरिया अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू होने पर प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाएं, चिकित्सक की निगरानी में दवा के साथ पर्याप्त बेड रेस्ट लें। तरल भोज्य पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं, आसपास मच्छरों को पनपने से रोकें, समय पर उपचार नहीं लेने से डेंगू जानलेवा हो सकता है।
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