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प्रायोगिक परीक्षा के दिन ही अपलोड करने होंगे प्राप्तांक
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सुल्तानपुर। वर्ष 2022 में होने वाली प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा के प्राप्तांक परीक्षा संपन्न होने के दिन ही ऑनलाइन व्यवस्था के अंतर्गत निर्धारित प्रोफार्मा पर परीक्षकों के हस्ताक्षर सहित अपलोड किए जाएंगे। इसके साथ ही वाहक के माध्यम से प्राप्तांक की प्रति परीक्षा नियंत्रक को उसी दिन उपलब्ध करानी होगी। दूसरे दिन किसी भी स्थिति में प्राप्तांक की प्रति स्वीकार नहीं की जाएगी।
सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद अवध विश्वविद्यालय ने प्रायोगिक परीक्षा के आंतरिक परीक्षकों की सूची महाविद्यालयों से मांगी है। परीक्षा नियंत्रक उमानाथ सिंह ने महाविद्यालयों को भेजे पत्र के जरिए कहा है कि स्नातक व परास्नातक कक्षाओं की प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा संपन्न कराने के लिए आंतरिक परीक्षकों की सूची विषय अनुसार छात्र संख्या का उल्लेख करते हुए वरिष्ठता क्रम में चक्रानुक्रम के आधार पर भेजें।
उन्होंने बताया कि आंतरिक परीक्षकों की प्रस्तावित सूची में वही शिक्षक शामिल होंगे, जो नियमित हैं अथवा विश्वविद्यालय से अनुमोदित हैं। इसके साथ ही उन्हें तीन वर्ष का संबंधित विषय में अनुभव हो और विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सत्यापित हों। अनुमोदित प्राध्यापकों जिनका नाम सूची में अंकित किया गया हो, उनका अनुमोदन पत्र, पैन, वर्तमान न्यूनतम छह माह का वेतन भुगतान बैंक स्टेटमेंट, आधार कार्ड तथा विश्वविद्यालय पोर्टल सत्यापन सूची की प्रमाणित छायाप्रति भी संलग्न करनी होगी।
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परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि ये प्रपत्र संलग्न न करने पर संबंधित प्राध्यापक को परीक्षक नियुक्त नहीं किया जाएगा। स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत नियुक्त, अनुमोदित व विश्वविद्यालय पोर्टल पर सत्यापित प्राध्यापक जिनका अनुमोदन पांच वर्ष या इससे अधिक हो गया है तथा महाविद्यालय में अद्यतन कार्यरत हैं, उनकी सूची भी आवश्यक अभिलेखों के साथ विश्वविद्यालय को भेजनी होगी।
अवध विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ सिंह ने बताया कि सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा के लिए आंतरिक परीक्षकों की सूची 25 दिसंबर तक विशेष वाहक के माध्यम से भेजें। निर्धारित तिथि के बाद आने वाले प्रत्यावेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद अवध विश्वविद्यालय ने प्रायोगिक परीक्षा के आंतरिक परीक्षकों की सूची महाविद्यालयों से मांगी है। परीक्षा नियंत्रक उमानाथ सिंह ने महाविद्यालयों को भेजे पत्र के जरिए कहा है कि स्नातक व परास्नातक कक्षाओं की प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा संपन्न कराने के लिए आंतरिक परीक्षकों की सूची विषय अनुसार छात्र संख्या का उल्लेख करते हुए वरिष्ठता क्रम में चक्रानुक्रम के आधार पर भेजें।
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उन्होंने बताया कि आंतरिक परीक्षकों की प्रस्तावित सूची में वही शिक्षक शामिल होंगे, जो नियमित हैं अथवा विश्वविद्यालय से अनुमोदित हैं। इसके साथ ही उन्हें तीन वर्ष का संबंधित विषय में अनुभव हो और विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सत्यापित हों। अनुमोदित प्राध्यापकों जिनका नाम सूची में अंकित किया गया हो, उनका अनुमोदन पत्र, पैन, वर्तमान न्यूनतम छह माह का वेतन भुगतान बैंक स्टेटमेंट, आधार कार्ड तथा विश्वविद्यालय पोर्टल सत्यापन सूची की प्रमाणित छायाप्रति भी संलग्न करनी होगी।
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परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि ये प्रपत्र संलग्न न करने पर संबंधित प्राध्यापक को परीक्षक नियुक्त नहीं किया जाएगा। स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत नियुक्त, अनुमोदित व विश्वविद्यालय पोर्टल पर सत्यापित प्राध्यापक जिनका अनुमोदन पांच वर्ष या इससे अधिक हो गया है तथा महाविद्यालय में अद्यतन कार्यरत हैं, उनकी सूची भी आवश्यक अभिलेखों के साथ विश्वविद्यालय को भेजनी होगी।
अवध विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक उमानाथ सिंह ने बताया कि सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रायोगिक/मौखिक परीक्षा के लिए आंतरिक परीक्षकों की सूची 25 दिसंबर तक विशेष वाहक के माध्यम से भेजें। निर्धारित तिथि के बाद आने वाले प्रत्यावेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।