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बदली जिंदगी: रामचेत को फोन कर राहुल गांधी ने पूछा, क्या हालचाल... कोई दिक्कत तो नहीं; मोची ने दिया ये जवाब
Mon, 29 Jul 2024 09:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 29 Jul 2024 09:09 AM IST
सार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सुल्तानपुर के मोची रामचेत को फोन कर पूछा है कि कोई दिक्कत तो नहीं है। राहुल से मुलाकात के बाद रामचेत मोची की जिंदगी बदल गई है। मुफलिसी में जीने वाले रामचेत से अब लोग हालचाल पूछने लगे हैं।
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Rahul Gandhi
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राहुल गांधी से एक मुलाकात ने जिन रामचेत मोची की जिंदगी ही बदल दी है, रविवार को उनके पास आए एक फोन ने उन्हें गदगद कर दिया। यह फोन था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का। उन्होंने फोन कर पूछा कि क्या हालचाल है, कोई दिक्कत तो नहीं? जिस पर रामचेत का गला भर आया।
खुद को संभालते हुए बोले, साहब, सब आपकी कृपा है, आप ही हमारे मसीहा हैं। जो सम्मान और अपनापन आपने दिया है, उसके लिए पूरा परिवार जीवनभर कर्जदार रहेगा। सदर तहसील के ढेसरुआ गांव के रहने वाले रामचेत मोची अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं।
मुफलिसी के दौर में जिसे रामचेत फूटी आंख नहीं सुहाते थे, वही अब उनसे हाथ मिलाने को बेकरार हैं। आज उनके पास देश के कोने-कोने से लोग मिलने के लिए पहुंच रहे हैं। अचानक बढ़े सामाजिक कद ने रामचेत को प्रतिष्ठित व्यक्ति बना दिया है। इन सबके बीच रामचेत को चिंता अब इस बात की है कि वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं।
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रामचेत ने बताया कि राहुल गांधी ने जो मशीन भेजी है, वह बहुत बड़ी है, कारीगर आए थे, मशीन के पुर्जे सेट कर चले गए, बोले कि जब जरूरत होगी तो बताना। अभी उसको चलाने का हुनर उनके पास नहीं है। दुकान खुल नहीं पा रही है। हालांकि रामचेत आज बहुत खुश हैं।
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खुद को संभालते हुए बोले, साहब, सब आपकी कृपा है, आप ही हमारे मसीहा हैं। जो सम्मान और अपनापन आपने दिया है, उसके लिए पूरा परिवार जीवनभर कर्जदार रहेगा। सदर तहसील के ढेसरुआ गांव के रहने वाले रामचेत मोची अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं।
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मुफलिसी के दौर में जिसे रामचेत फूटी आंख नहीं सुहाते थे, वही अब उनसे हाथ मिलाने को बेकरार हैं। आज उनके पास देश के कोने-कोने से लोग मिलने के लिए पहुंच रहे हैं। अचानक बढ़े सामाजिक कद ने रामचेत को प्रतिष्ठित व्यक्ति बना दिया है। इन सबके बीच रामचेत को चिंता अब इस बात की है कि वे अपना काम नहीं कर पा रहे हैं।
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रामचेत ने बताया कि राहुल गांधी ने जो मशीन भेजी है, वह बहुत बड़ी है, कारीगर आए थे, मशीन के पुर्जे सेट कर चले गए, बोले कि जब जरूरत होगी तो बताना। अभी उसको चलाने का हुनर उनके पास नहीं है। दुकान खुल नहीं पा रही है। हालांकि रामचेत आज बहुत खुश हैं।
वह कहते हैं कि उनके घर बहुत बड़े-बड़े साहब लोग पहुंच रहे हैं, हाथ मिला रहे हैं, हालचाल पूछ रहे हैं और मदद की पेशकश भी कर रहे हैं। आज जो भी परिवर्तन हुआ है, वह राहुल की देन है। इसी दौरान वे राहुल गांधी के फोन की सूचना देते हुए कहते हैं कि उन्होंने मुझे अपना नंबर दिया है। कहा कि कोई दिक्कत हो तो मुझे फोन कर लेना।
हरकत में आया प्रशासन, पीएम आवास का फार्म भरवाया
जूता सिलने की मशीन पाने वाले रामचेत के पास न मशीन चलाने के लिए बिजली कनेक्शन है, न ही आवास और न राशन कार्ड। रविवार के अंक में अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की तो प्रशासन रविवार को ही हरकत में आ गया।
जूता सिलने की मशीन पाने वाले रामचेत के पास न मशीन चलाने के लिए बिजली कनेक्शन है, न ही आवास और न राशन कार्ड। रविवार के अंक में अमर उजाला ने यह खबर प्रकाशित की तो प्रशासन रविवार को ही हरकत में आ गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर सदर तहसील से कानूनगो हैप्पी सिंह, लेखपाल संदीप सिंह और ग्राम प्रधान अरशद अली रामचेत के घर पहुंचे। पीएम आवास समेत अन्य सरकारी सुविधाओं के बारे बात की और फार्म भरवाया। राशन कार्ड को सही करवाने के लिए कोटेदार भी पहुंचे और जल्द ही राशन कार्ड बनवाने की बात कही।
नहीं चेता बिजली विभाग, आखिर बिना बिजली कैसे मशीन चलाएं रामचेत?
रामचेत के घर आखिर बिजली क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब बिजली विभाग के पास नहीं है। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने कहा कि जब सौभाग्य योजना चल रही थी, तब रामचेत ने कनेक्शन नहीं लिया होगा। बहरहाल बेहद खुश रामचेत को किसी से कोई शिकायत नहीं है। वे कहते हैं कि अपने बेटे के घर पर वे यह मशीन लगवाएंगे। फिलहाल मशीन पैक करके रखी हुई है।
रामचेत के घर आखिर बिजली क्यों नहीं? इस सवाल का जवाब बिजली विभाग के पास नहीं है। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने कहा कि जब सौभाग्य योजना चल रही थी, तब रामचेत ने कनेक्शन नहीं लिया होगा। बहरहाल बेहद खुश रामचेत को किसी से कोई शिकायत नहीं है। वे कहते हैं कि अपने बेटे के घर पर वे यह मशीन लगवाएंगे। फिलहाल मशीन पैक करके रखी हुई है।