{"_id":"67cf3ce7943ea265530dff48","slug":"prevention-of-accidents-due-to-old-black-spots-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-128609-2025-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: वर्षों पुराने ब्लैक स्पॉट से हादसों की रोकथाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: वर्षों पुराने ब्लैक स्पॉट से हादसों की रोकथाम
Tue, 11 Mar 2025 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 11 Mar 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
कूरेभार के पास से गुजरा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे।
सुल्तानपुर। नेशनल हाईवे पर आए दिन होने वाले सड़क हादसों में कोई न कोई अपनी जान गंवाता है। एक साल के दौरान जिले से होकर जाने वाले तीन हाईवे व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि काफी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग इन तीनों हाईवे व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अभी तक ब्लैक स्पॉट तक चिह्नित नहीं कर पाए हैं।
दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र को चयनित करने के लिए शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण कुमार ने बीते शुक्रवार को तीनों हाईवे के अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेज कर तीनों नेशनल हाईवे पर नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के संबंध में सूचना मांगी है। पुलिस विभाग की ओर से भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने को लेकर अभी तक कोई पहल नहीं की है। इसके चलते ही सालों से राज्य मार्गों पर चिह्नित आठ ब्लैक स्पॉट पर ही दुर्घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक बनाने का कार्य कर हादसों को रोकने की रस्म अदायगी मात्र की जा रही है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अक्सर बड़े हादसे होते रहते हैं। चैनेज 115 से 128 हवाई पट्टी के पास तक दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र बन गया है। बीते दो माह के दौरान यहां दर्जन भर से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। फरवरी में जुड़ापट्टी के पास डीसीएम से एसयूवी में पीछे से टक्कर लग गई थी, जिससे एसयूवी सवार जौनपुर के तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में चार लोग घायल हुए थे। इसके बाद भी एक्सप्रेसवे पर अभी तक कोई भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं किया गया है।
विज्ञापन
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे
अयोध्या-प्रयागराज नेशनल हाईवे भी कटका से लेकर कूरेभार तक दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र है। पटना चौराहा, मुजेश टोल प्लाजा और बाबूगंज के पास कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अब तक कोई ब्लैक स्पाॅट चिह्नित नहीं किया है। सुल्तानपुर से वाराणसी और सुल्तानपुर से लखनऊ हाईवे पर भी कोई ब्लैक स्पॉट नहीं चिह्नित हुआ है।
स्टेट हाईवे पर भी आसान नहीं सफर
मोतिगरपुर। लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर मोतिगरपुर कस्बे में करीब डेढ़ माह पहले बाइक सवार दो युवकों को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। इसमें एक की मौत हो गई थी। इसके पहले इस साल एक और दुर्घटना हुई थी, जिसमें दो लोग घायल हो गए थे। इसी राजमार्ग पर सर्वाधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
अब तक चिह्नित ब्लैक स्पॉट
अब तक लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर गभड़िया, शाहपुर लपटा, मोतिगरपुर कस्बा, पुरानी बाजार कादीपुर मोड़, टाटिया नगर, सुल्तानपुर-हलियापुर जिला मार्ग पर चुनहा तिराहा, गायत्री नगर, सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर अलीगंज बाजार को ब्लैक स्पॉट के बतौर चिन्हित किया गया है।
हादसों से बचने के लिए बरते सावधानी
- बाइक व कार चलाते समय फोन का न करें उपयोग।
- तेज गति से वाहन न चलाएं।
- बाइक सवार हेल्मेट व कार सवार करें सीट बेल्ट का उपयोग।
- नशे में न चलाएं वाहन
ब्लैक स्पॉट पर संकेतक लगाने के साथ गति अवरोधक बनाया जाता है। इसके साथ ही रेडियम लगाया जाता है। सड़कों पर सफेद रंग का विशेष पेंट लगाकर चालकों को सचेत किया जाता है। राज्यमार्ग पर किए गए उपाय से दुर्घटनाओं में कमी आई है।
- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
विज्ञापन
दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र को चयनित करने के लिए शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण कुमार ने बीते शुक्रवार को तीनों हाईवे के अधिशासी अभियंताओं को पत्र भेज कर तीनों नेशनल हाईवे पर नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के संबंध में सूचना मांगी है। पुलिस विभाग की ओर से भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने को लेकर अभी तक कोई पहल नहीं की है। इसके चलते ही सालों से राज्य मार्गों पर चिह्नित आठ ब्लैक स्पॉट पर ही दुर्घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक बनाने का कार्य कर हादसों को रोकने की रस्म अदायगी मात्र की जा रही है।
विज्ञापन
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अक्सर बड़े हादसे होते रहते हैं। चैनेज 115 से 128 हवाई पट्टी के पास तक दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र बन गया है। बीते दो माह के दौरान यहां दर्जन भर से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। फरवरी में जुड़ापट्टी के पास डीसीएम से एसयूवी में पीछे से टक्कर लग गई थी, जिससे एसयूवी सवार जौनपुर के तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में चार लोग घायल हुए थे। इसके बाद भी एक्सप्रेसवे पर अभी तक कोई भी ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं किया गया है।
विज्ञापन
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे
अयोध्या-प्रयागराज नेशनल हाईवे भी कटका से लेकर कूरेभार तक दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र है। पटना चौराहा, मुजेश टोल प्लाजा और बाबूगंज के पास कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अब तक कोई ब्लैक स्पाॅट चिह्नित नहीं किया है। सुल्तानपुर से वाराणसी और सुल्तानपुर से लखनऊ हाईवे पर भी कोई ब्लैक स्पॉट नहीं चिह्नित हुआ है।
स्टेट हाईवे पर भी आसान नहीं सफर
मोतिगरपुर। लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर मोतिगरपुर कस्बे में करीब डेढ़ माह पहले बाइक सवार दो युवकों को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। इसमें एक की मौत हो गई थी। इसके पहले इस साल एक और दुर्घटना हुई थी, जिसमें दो लोग घायल हो गए थे। इसी राजमार्ग पर सर्वाधिक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
अब तक चिह्नित ब्लैक स्पॉट
अब तक लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर गभड़िया, शाहपुर लपटा, मोतिगरपुर कस्बा, पुरानी बाजार कादीपुर मोड़, टाटिया नगर, सुल्तानपुर-हलियापुर जिला मार्ग पर चुनहा तिराहा, गायत्री नगर, सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर अलीगंज बाजार को ब्लैक स्पॉट के बतौर चिन्हित किया गया है।
हादसों से बचने के लिए बरते सावधानी
- बाइक व कार चलाते समय फोन का न करें उपयोग।
- तेज गति से वाहन न चलाएं।
- बाइक सवार हेल्मेट व कार सवार करें सीट बेल्ट का उपयोग।
- नशे में न चलाएं वाहन
ब्लैक स्पॉट पर संकेतक लगाने के साथ गति अवरोधक बनाया जाता है। इसके साथ ही रेडियम लगाया जाता है। सड़कों पर सफेद रंग का विशेष पेंट लगाकर चालकों को सचेत किया जाता है। राज्यमार्ग पर किए गए उपाय से दुर्घटनाओं में कमी आई है।
- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड