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पीपीपी मॉडल पर संचालित होगा इकलौता राजकीय महाविद्यालय
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सुल्तानपुर। जयसिंहपुर विकास खंड क्षेत्र के कटराचुग्घूपुर में बने जिले के इकलौते राजकीय महाविद्यालय भवन को अब पीपीपी मॉडल पर संचालित किए जाने की योजना है। शासन ने इसके लिए सोसायटियों से आवेदन मांगे हैं।
समाजवादी पार्टी की सरकार में जिले को इकलौता राजकीय महाविद्यालय मिला था। वर्ष 2014 में सदर विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक अरुण वर्मा ने अपने क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय का प्रस्ताव पास कराया था।
इसके लिए जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के कटराचुग्घूपुर में जमीन आवंटित की गई थी। आवंटित भूमि पर सात करोड़ 69 लाख की लागत से कार्यदायी संस्था उ. प्र. आवास विकास परिषद ने भवन निर्माण कराया था। वर्ष 2017 में भवन का निर्माण लगभग पूरा हो गया था।
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दो साल से राजकीय महाविद्यालय का आलीशान भवन बनकर शिक्षण शुरू होने की राह देख रहा था। सरकार अब इस महाविद्यालय को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप) मॉडल पर संचालित किए जाने की तैयारी कर रही है।
महाविद्यालय में सोसायटी अथवा ट्रस्ट उपलब्ध वित्तीय संपत्तियों का उपयोग करते हुए पाठ्यक्रम संचालित कराएगी। प्रशासनिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां भी संस्था की ओर से ही होंगी।
उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ राजीव पांडेय ने शासन के निर्देश का हवाला देते हुए महाविद्यालय को पीपीपी मॉडल पर चलाए जाने के लिए आवेदन मांगा है। आवेदन में सोसायटी एवं ट्रस्ट को अपनी वित्तीय संपत्तियां, पृष्ठभूमि, शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव समेत जानकारियां देते हुए आवेदन करना होगा।
कूरेभार विकास खंड क्षेत्र के सारंगपुर अकोढ़ी में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का भवन भी बनकर तैयार हो गया है लेकिन अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई। वर्ष 2016 में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने छह करोड़ की लागत से आईटीआई का भवन निर्माण कराया है।
जयसिंहपुर की पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालय पास कराया गया था। भाजपा सरकार इसे प्राइवेट हाथों में सौंप रही है। प्राइवेट सोसायटियां बच्चों से मनमाना पैसा वसूल करेंगी।
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समाजवादी पार्टी की सरकार में जिले को इकलौता राजकीय महाविद्यालय मिला था। वर्ष 2014 में सदर विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक अरुण वर्मा ने अपने क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय का प्रस्ताव पास कराया था।
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इसके लिए जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के कटराचुग्घूपुर में जमीन आवंटित की गई थी। आवंटित भूमि पर सात करोड़ 69 लाख की लागत से कार्यदायी संस्था उ. प्र. आवास विकास परिषद ने भवन निर्माण कराया था। वर्ष 2017 में भवन का निर्माण लगभग पूरा हो गया था।
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दो साल से राजकीय महाविद्यालय का आलीशान भवन बनकर शिक्षण शुरू होने की राह देख रहा था। सरकार अब इस महाविद्यालय को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप) मॉडल पर संचालित किए जाने की तैयारी कर रही है।
महाविद्यालय में सोसायटी अथवा ट्रस्ट उपलब्ध वित्तीय संपत्तियों का उपयोग करते हुए पाठ्यक्रम संचालित कराएगी। प्रशासनिक एवं गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां भी संस्था की ओर से ही होंगी।
उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ राजीव पांडेय ने शासन के निर्देश का हवाला देते हुए महाविद्यालय को पीपीपी मॉडल पर चलाए जाने के लिए आवेदन मांगा है। आवेदन में सोसायटी एवं ट्रस्ट को अपनी वित्तीय संपत्तियां, पृष्ठभूमि, शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव समेत जानकारियां देते हुए आवेदन करना होगा।
कूरेभार विकास खंड क्षेत्र के सारंगपुर अकोढ़ी में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का भवन भी बनकर तैयार हो गया है लेकिन अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई। वर्ष 2016 में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने छह करोड़ की लागत से आईटीआई का भवन निर्माण कराया है।
जयसिंहपुर की पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालय पास कराया गया था। भाजपा सरकार इसे प्राइवेट हाथों में सौंप रही है। प्राइवेट सोसायटियां बच्चों से मनमाना पैसा वसूल करेंगी।