{"_id":"58629a304f1c1b8640eec8d6","slug":"post-50-days-of-noteban-no-relief","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीते 50 दिन, परेशानी जस की तस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीते 50 दिन, परेशानी जस की तस
Amar ujala Bureau
Updated Tue, 27 Dec 2016 10:13 PM IST
विज्ञापन
लोगों को भारी परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के 50 दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। शहरों में लोगों की गाड़ी कुछ पटरी पर आई है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की वजह से आज भी समस्या बनी है। पैसा होते हुए भी पहली बार लोगों ने पैसे की किल्लत देखी। वस्तु विनिमय व उधार-व्यवहार का पुराना जमाना नोटबंदी के दौरान लौटा। लोगों के काम-धंधे प्रभावित हुए तो रोजगार व व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ा। व्यवसाय मंदी के दौर से गुजरे।
विज्ञापन
आठ नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कड़ा फैसला लिया था। 500-1000 के पुराने नोटों का चलन बंद करने के बाद उन्होंने आम लोगों को होने वाली परेशानी से निजात के लिए 50 दिनों की मोहलत मांगी थी। मंगलवार को नोटबंदी को 50 दिन पूरे हो गए हैं। इन 50 दिनों में लोगों ने जहां तमाम दुश्वारियां झेलीं वहीं इस संकट से उबरने के लिए तमाम जतन भी किए।
विज्ञापन
इस दौरान शहर में किसी तरह धीरे-धीरे हालात बदले, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की मुश्किलें अब भी कायम हैं। ग्रामीणों को खेती-किसानी, दैनिक जरूरतें, शादी विवाह, बच्चों की फीस, मजदूरी, व्यापार संबंधी अन्य जरूरी कार्यों को निपटाने के लिए तमाम मुसीबतें आज भी झेलनी पड़ रही हैं।
विज्ञापन