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Sultanpur News: दुर्गा पूजा पंडालों में हो रहे तीर्थ स्थलों के दर्शन, उमड़ रहे श्रद्धालु
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शहर के चौक में श्री बड़ी अंबे माता पूजा समिति के पंडाल में स्थापित देवी प्रतिमा।
- फोटो : शहर के चौक में श्री बड़ी अंबे माता पूजा समिति के पंडाल में स्थापित देवी प्रतिमा।
सुल्तानपुर। जिले के ऐतिहासिक दुर्गा पूजा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। शहर में जगह-जगह सजे पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हैं। पंडाल में ही भक्तों को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन हो रहे हैं। शाम होते ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो जाता है। यह सिलसिला देवी प्रतिमाओं के विसर्जन तक चलेगा।
शारदीय नवरात्र शुरू होते ही बड़े हनुमानजी की प्रतिमा चौक घंटाघर पास स्थापित हो जाती है। यह सिलसिला पिछले 20 वर्षों से अनवरत चल रहा है। विसर्जन शोभायात्रा में सबसे आगे हनुमानजी की यह प्रतिमा दीवानी न्यायालय के पास पहुंच जाती है। इसके संस्थापक मंगल दास चौरसिया हैं। शहर के पयागीपुर में 1978 से श्री विंध्यवासिनी माता पूजा समिति का पंडाल सजाया जा रहा है। अध्यक्ष विमलेश पाठक ने बताया कि दुर्गा पूजा देखने आने वालों को सबसे पहले इसी प्रतिमा का दर्शन होता है। इसलिए पंडाल की सजावट हर साल नये तरीके से आकर्षक बनाया जाता है। शहर के चौक इलाके में 1973 से हर बार श्री बड़ी अंबे माता पूजा समिति का पंडाल बनाया जाता है। शहर में सबसे बड़ा भंडारा श्री अंबे माता पूजा समिति पर अंबे दल की ओर से किया जाता है। हर दिन अलग-अलग पकवान का लुत्फ श्रद्धालु उठाते हैं।
1959 में स्थापित हुई थी पहली देवी प्रतिमा
शहर के ठठेरी बाजार में सबसे पहली देवी प्रतिमा की स्थापना 1959 में हुई थी। भिखारी लाल सोनी की अगुवाई में बड़ी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। स्थानीय के अलावा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु बड़ी दुर्गा का दर्शन पूजन करते हैं।
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भक्तों ने चखा बड़ी पूड़ी-सब्जी का प्रसाद
सुल्तानपुर। शहर के डीएम आवास के पास समाजसेवी संतोष पांडेय की ओर से शनिवार की रात भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी पूड़ी और सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि गत 11 वर्ष से हर बार दुुर्गा पूजा महोत्सव में भंडारा किया जाता है। मेले में आए बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद वितरण में सुधेश पांडेय, निशांत तिवारी, अमूल तिवारी, निखिल पांडेय, अनिल शर्मा, प्रियम, प्रकाश, सत्यम, गोलू, नीरज, गुंजन, श्रेया आदि शामिल रहे।
अहिमाने और अमिलियाकलां में हुआ कन्या पूजन
शहर से सटे अहिमाने में गायत्री पूजा समिति के तत्वावधान में शनिवार की देर शाम कन्या भोज का आयोजन किया गया। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी ने देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया। उन्होंने कहा कि आज कन्या पूजन कर हम धन्य हो गए। इस मौके पर समिति के संस्थापक राम केवल तिवारी, अध्यक्ष वीरेंद्र विश्वकर्मा, वीरेंद्र भार्गव, सुशील सिंह, अमित पांडेय मौजूद रहे। उधर, दूबे के अमिलियाकलां गांव में स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर में समाजसेवी संतोष सिंह ने 101 कन्याओं का पूजन किया।
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शारदीय नवरात्र शुरू होते ही बड़े हनुमानजी की प्रतिमा चौक घंटाघर पास स्थापित हो जाती है। यह सिलसिला पिछले 20 वर्षों से अनवरत चल रहा है। विसर्जन शोभायात्रा में सबसे आगे हनुमानजी की यह प्रतिमा दीवानी न्यायालय के पास पहुंच जाती है। इसके संस्थापक मंगल दास चौरसिया हैं। शहर के पयागीपुर में 1978 से श्री विंध्यवासिनी माता पूजा समिति का पंडाल सजाया जा रहा है। अध्यक्ष विमलेश पाठक ने बताया कि दुर्गा पूजा देखने आने वालों को सबसे पहले इसी प्रतिमा का दर्शन होता है। इसलिए पंडाल की सजावट हर साल नये तरीके से आकर्षक बनाया जाता है। शहर के चौक इलाके में 1973 से हर बार श्री बड़ी अंबे माता पूजा समिति का पंडाल बनाया जाता है। शहर में सबसे बड़ा भंडारा श्री अंबे माता पूजा समिति पर अंबे दल की ओर से किया जाता है। हर दिन अलग-अलग पकवान का लुत्फ श्रद्धालु उठाते हैं।
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1959 में स्थापित हुई थी पहली देवी प्रतिमा
शहर के ठठेरी बाजार में सबसे पहली देवी प्रतिमा की स्थापना 1959 में हुई थी। भिखारी लाल सोनी की अगुवाई में बड़ी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। स्थानीय के अलावा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु बड़ी दुर्गा का दर्शन पूजन करते हैं।
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भक्तों ने चखा बड़ी पूड़ी-सब्जी का प्रसाद
सुल्तानपुर। शहर के डीएम आवास के पास समाजसेवी संतोष पांडेय की ओर से शनिवार की रात भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी पूड़ी और सब्जी का प्रसाद वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि गत 11 वर्ष से हर बार दुुर्गा पूजा महोत्सव में भंडारा किया जाता है। मेले में आए बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद वितरण में सुधेश पांडेय, निशांत तिवारी, अमूल तिवारी, निखिल पांडेय, अनिल शर्मा, प्रियम, प्रकाश, सत्यम, गोलू, नीरज, गुंजन, श्रेया आदि शामिल रहे।
अहिमाने और अमिलियाकलां में हुआ कन्या पूजन
शहर से सटे अहिमाने में गायत्री पूजा समिति के तत्वावधान में शनिवार की देर शाम कन्या भोज का आयोजन किया गया। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी ने देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन किया। उन्होंने कहा कि आज कन्या पूजन कर हम धन्य हो गए। इस मौके पर समिति के संस्थापक राम केवल तिवारी, अध्यक्ष वीरेंद्र विश्वकर्मा, वीरेंद्र भार्गव, सुशील सिंह, अमित पांडेय मौजूद रहे। उधर, दूबे के अमिलियाकलां गांव में स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर परिसर में समाजसेवी संतोष सिंह ने 101 कन्याओं का पूजन किया।