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नहीं हुआ 122.20 लाख रुपये गेहूं मूल्य का भुगतान
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सुल्तानपुर। जिले में गेहूं खरीद का समापन हो जाने के बाद भी किसानों को उनका मूल्य भुगतान नहीं हो पाया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों का 122.20 लाख रुपये बकाया है। बकाया गेहूं मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। सरकार का किसानों को शीघ्र गेहूं मूल्य का भुगतान करने का दावा फेल हो गया है।
रबी विपणन वर्ष 2021-22 के तहत जिले के किसानों का गेहूं खरीदने के लिए 69 क्रय केंद्र खोले गए थे। इसमें खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 46, यूपीसीयू के तीन, मंडी समिति के एक और भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र पर किसानों के गेहूं की खरीद की गई थी।
इस बार शासन ने गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया था। पिछले 22 जून तक 13,450 किसानों से 53441.67 एमटी गेहूं खरीदा गया था। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ज्यादा मात्रा में गेहूं की खरीद हुई है। पिछले साल 20289.08 एमटी ही गेहूं खरीदा गया था।
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इस वर्ष किसानों से खरीदे गए गेहूं का कुल मूल्य 10554.73 लाख रुपये होता है। इसमें से 10432.53 लाख रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। अभी भी 122.20 लाख रुपये गेहूं मूल्य बकाया है। बकाया गेहूं मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान है।
सरकार का किसानों को शीघ्र गेहूं मूल्य का भुगतान करने का दावा फेल हो गया है। बकाया गेहूं मूल्य नहीं मिलने से किसानों को बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराने के साथ ही खेती-किसानी का कार्य कराने में परेशानी हो रही है।
क्रय केंद्रों में डंप पड़ा 1704.01 एमटी गेहू
किसानों से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद करने के बाद उनका भंडारण भारतीय खाद्य निगम की गोदाम में किया जाता है। इसके लिए क्रय केंद्रों से गेंहू लाकर समय से गोदाम में भंडारण किया जाना चाहिए। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का भारतीय खाद्य निगम में भंडारण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
क्रय केंद्रों से लाकर भारतीय खाद्य निगम की गोदाम में 51737.66 एमटी गेहूं का भंडारण हो चुका है, जबकि विभिन्न क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया 1704.01 एमटी गेहूं डंप पड़ा हुआ है। इसमें से कई क्रय केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसी हालत में बारिश होने पर गेहूं के खराब होने का खतरा है।
शीघ्र कराया जाएगा भुगतान: जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में ज्यादा गेहूं की खरीद कराई गई है। किसानों से खरीदे गए 53441.67 एमटी गेहूं के मूल्य 10432.53 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। बकाया 122.20 लाख रुपये गेहूं मूल्य का शीघ्र ही भुगतान कराया जाएगा।
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रबी विपणन वर्ष 2021-22 के तहत जिले के किसानों का गेहूं खरीदने के लिए 69 क्रय केंद्र खोले गए थे। इसमें खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 46, यूपीसीयू के तीन, मंडी समिति के एक और भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र पर किसानों के गेहूं की खरीद की गई थी।
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इस बार शासन ने गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया था। पिछले 22 जून तक 13,450 किसानों से 53441.67 एमटी गेहूं खरीदा गया था। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ज्यादा मात्रा में गेहूं की खरीद हुई है। पिछले साल 20289.08 एमटी ही गेहूं खरीदा गया था।
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इस वर्ष किसानों से खरीदे गए गेहूं का कुल मूल्य 10554.73 लाख रुपये होता है। इसमें से 10432.53 लाख रुपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। अभी भी 122.20 लाख रुपये गेहूं मूल्य बकाया है। बकाया गेहूं मूल्य का भुगतान नहीं होने से किसान परेशान है।
सरकार का किसानों को शीघ्र गेहूं मूल्य का भुगतान करने का दावा फेल हो गया है। बकाया गेहूं मूल्य नहीं मिलने से किसानों को बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराने के साथ ही खेती-किसानी का कार्य कराने में परेशानी हो रही है।
क्रय केंद्रों में डंप पड़ा 1704.01 एमटी गेहू
किसानों से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद करने के बाद उनका भंडारण भारतीय खाद्य निगम की गोदाम में किया जाता है। इसके लिए क्रय केंद्रों से गेंहू लाकर समय से गोदाम में भंडारण किया जाना चाहिए। क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का भारतीय खाद्य निगम में भंडारण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
क्रय केंद्रों से लाकर भारतीय खाद्य निगम की गोदाम में 51737.66 एमटी गेहूं का भंडारण हो चुका है, जबकि विभिन्न क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया 1704.01 एमटी गेहूं डंप पड़ा हुआ है। इसमें से कई क्रय केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसी हालत में बारिश होने पर गेहूं के खराब होने का खतरा है।
शीघ्र कराया जाएगा भुगतान: जिला खाद्य विपणन अधिकारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में ज्यादा गेहूं की खरीद कराई गई है। किसानों से खरीदे गए 53441.67 एमटी गेहूं के मूल्य 10432.53 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है। बकाया 122.20 लाख रुपये गेहूं मूल्य का शीघ्र ही भुगतान कराया जाएगा।