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Sultanpur News: बारिश से धान की फसल बर्बाद, गलियां और सड़कें कीचड़ से सनीं
Thu, 30 Oct 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 30 Oct 2025 11:51 PM IST
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करौंदीकला में गिरी धान की फसल।
सुल्तानपुर। बेमौसम बारिश खासकर किसानों के लिए आफत बन गई है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर देहात तक हर तरफ गलियों और सड़कों पर कीचड़ मुसीबत बना रहा।
वहीं, खेतों में खड़े व काटकर रखी धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। भीगने से धान की फसल खेतों में जमने व चना, मटर, मसूर, सरसों व आलू का अंकुरण प्रभावित होने के आसार बन गए हैं। दिन भर हुई बारिश से लोगाें को भीगकर रोजमर्रा का काम निपटाना पड़ा।
मौसम विभाग के 24 घंटे के बीच कहीं-कहीं हल्की व मध्यम बारिश और 1.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के अनुमान ने किसानों को और संकट में डाल दिया है। जिले भर में हुई बरसात में खेतों में पककर खड़ी धान की फसलें गिर गईं हैं। भदैंया के रामपुर के किसान प्रवीण कुमार ने बताया कि धान अंकुरित होने से बचे रहने पर उसका छिलका निकल सकता है। हालांकि उससे भी नुकसान ही है।
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कंधईपुर के सुभाष सिंह ने बताया कि रबी की आलू की बोआई करीब 50 फीसदी हो गई है। सरसों, मसूर, चना व मटर की बोआई चल रही है। बोई गईं रबी की फसलों के अंकुरित नहीं होने के आसार बढ़ते जा रहे हैं। कादीपुर के किसान जवाहिर ने बताया कि खेत की जोताई, बोया गया बीज व उर्वरक का नुकसान होगा। साथ ही दोबारा बोआई पिछड़ने से पैदावार प्रभावित होगी।
बारिश से आवागमन हुआ मुश्किलसुबह से हो रही बेमौसम बारिश से आवागमन प्रभावित हो गया है। सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। जिससे लोगों का आवागमन दिनभर बहुत कम रहा। सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों और फरियादियों की संख्या कम रही। बहुत जरूरी कार्य के लिए लोग घरों से बाहर निकले।
दिन भर होती रही बिजली कटौती
रात से हो रही बरसात से दिनभर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती जारी रही। शॉर्ट सर्किट से आई खराबियों को बिजली कर्मी बारिश की वजह से नहीं दुरुस्त कर सके। शहर के बिनोबापुरी, विवेक नगर की बिजली आपूर्ति सुबह करीब दो घंटे बाधित रही।
दरियापुर उपकेंद्र के 400 केवी फीडर की लो-वोल्टेज की लाइन का तार लोहरामऊ में तार टूटकर गिर पड़ा। बरसात जारी होने से शाम तक खराबी को दुरुस्त नहीं किया जा सका। दियरा उपकेंद्र के बरौंसा फीडर की आपूर्ति शाम को प्रभावित रही। अधीक्षण अभियंता वीके जैन ने कहा कि बूंदाबांदी बंद होते ही खराबी दुरुस्त करा दी जाएंगी।
53.8 मिलीलीटर हुई बारिश
कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, अक्तूबर वर्ष 2024 में बारिश नहीं हुई थी, लेकिन इस वर्ष अक्तूबर में 53.8 मिलीलीटर बारिश हो चुकी है। नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के मौसम पर्यवेक्षक अमरनाथ ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर तक 10.2 मिलीलीटर बरसात दर्ज की गई है।
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वहीं, खेतों में खड़े व काटकर रखी धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। भीगने से धान की फसल खेतों में जमने व चना, मटर, मसूर, सरसों व आलू का अंकुरण प्रभावित होने के आसार बन गए हैं। दिन भर हुई बारिश से लोगाें को भीगकर रोजमर्रा का काम निपटाना पड़ा।
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मौसम विभाग के 24 घंटे के बीच कहीं-कहीं हल्की व मध्यम बारिश और 1.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के अनुमान ने किसानों को और संकट में डाल दिया है। जिले भर में हुई बरसात में खेतों में पककर खड़ी धान की फसलें गिर गईं हैं। भदैंया के रामपुर के किसान प्रवीण कुमार ने बताया कि धान अंकुरित होने से बचे रहने पर उसका छिलका निकल सकता है। हालांकि उससे भी नुकसान ही है।
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कंधईपुर के सुभाष सिंह ने बताया कि रबी की आलू की बोआई करीब 50 फीसदी हो गई है। सरसों, मसूर, चना व मटर की बोआई चल रही है। बोई गईं रबी की फसलों के अंकुरित नहीं होने के आसार बढ़ते जा रहे हैं। कादीपुर के किसान जवाहिर ने बताया कि खेत की जोताई, बोया गया बीज व उर्वरक का नुकसान होगा। साथ ही दोबारा बोआई पिछड़ने से पैदावार प्रभावित होगी।
बारिश से आवागमन हुआ मुश्किलसुबह से हो रही बेमौसम बारिश से आवागमन प्रभावित हो गया है। सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। जिससे लोगों का आवागमन दिनभर बहुत कम रहा। सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों और फरियादियों की संख्या कम रही। बहुत जरूरी कार्य के लिए लोग घरों से बाहर निकले।
दिन भर होती रही बिजली कटौती
रात से हो रही बरसात से दिनभर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती जारी रही। शॉर्ट सर्किट से आई खराबियों को बिजली कर्मी बारिश की वजह से नहीं दुरुस्त कर सके। शहर के बिनोबापुरी, विवेक नगर की बिजली आपूर्ति सुबह करीब दो घंटे बाधित रही।
दरियापुर उपकेंद्र के 400 केवी फीडर की लो-वोल्टेज की लाइन का तार लोहरामऊ में तार टूटकर गिर पड़ा। बरसात जारी होने से शाम तक खराबी को दुरुस्त नहीं किया जा सका। दियरा उपकेंद्र के बरौंसा फीडर की आपूर्ति शाम को प्रभावित रही। अधीक्षण अभियंता वीके जैन ने कहा कि बूंदाबांदी बंद होते ही खराबी दुरुस्त करा दी जाएंगी।
53.8 मिलीलीटर हुई बारिश
कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, अक्तूबर वर्ष 2024 में बारिश नहीं हुई थी, लेकिन इस वर्ष अक्तूबर में 53.8 मिलीलीटर बारिश हो चुकी है। नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के मौसम पर्यवेक्षक अमरनाथ ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर तक 10.2 मिलीलीटर बरसात दर्ज की गई है।