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Sultanpur News: रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक व सह निदेशक के खिलाफ अग्रिम जांच के आदेश
Fri, 21 Nov 2025 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:59 PM IST
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सुल्तानपुर। लखनऊ में प्लाट दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये हड़प लेने के आरोप से जुड़े मामले में विवेचक की क्लीन चिट रिपोर्ट को सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने इस मामले में नगर कोतवाल को जारी निर्देशों के मुताबिक, निष्पक्ष अग्रिम विवेचना कराने और पांच दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
कूरेभार के निदूरा गांव के उदय कुमार कोविद ने 17 सितंबर 2023 को अदालत के आदेश पर कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक, वर्ष 2015 में तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपियों से परिचय कराया था। वादी के मुताबिक, लखनऊ के विनीत नगर विस्तार के रहने वाले खालसा रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक आरोपी जोगेंदर सिंह, सह निदेशक सुरिंदर कौर व सेल्स मैनेजर राम नायक पांडेय ने साइट प्लान तैयार कर लखनऊ में प्लाट दिलाने के नाम पर वादी सहित 10 से अधिक लोगों से लाखों रुपये हड़प लिए।
आरोपियों ने उन्हें जमीन नहीं दिलाई और बाद में पैसे नहीं लौटाए। इस मामले में पुलिस ने लंबे समय बाद अपनी जांच पूरी करते हुए आरोपी जोगेंदर और सुरिंदर कौर को क्लीन चिट दे दी, और अकेले सेल्स मैनेजर राम नायक पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया।
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पुलिस की विवेचना रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए वादी के अधिवक्ता ने प्रोटेस्ट अर्जी दी और क्लीन चिट पाए दोनों आरोपियों की मामले में अहम भूमिका बताते हुए उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम जांच कराने की मांग की। सीजेएम नवनीत सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद वादी पक्ष के साक्ष्य को पर्याप्त मानते हुए विवेचक की कार्यशैली को संदिग्ध माना और पुलिस की जांच रिपोर्ट को स्वीकार करने से मना कर दिया है। संवाद
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कूरेभार के निदूरा गांव के उदय कुमार कोविद ने 17 सितंबर 2023 को अदालत के आदेश पर कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक, वर्ष 2015 में तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपियों से परिचय कराया था। वादी के मुताबिक, लखनऊ के विनीत नगर विस्तार के रहने वाले खालसा रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक आरोपी जोगेंदर सिंह, सह निदेशक सुरिंदर कौर व सेल्स मैनेजर राम नायक पांडेय ने साइट प्लान तैयार कर लखनऊ में प्लाट दिलाने के नाम पर वादी सहित 10 से अधिक लोगों से लाखों रुपये हड़प लिए।
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आरोपियों ने उन्हें जमीन नहीं दिलाई और बाद में पैसे नहीं लौटाए। इस मामले में पुलिस ने लंबे समय बाद अपनी जांच पूरी करते हुए आरोपी जोगेंदर और सुरिंदर कौर को क्लीन चिट दे दी, और अकेले सेल्स मैनेजर राम नायक पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया।
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पुलिस की विवेचना रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए वादी के अधिवक्ता ने प्रोटेस्ट अर्जी दी और क्लीन चिट पाए दोनों आरोपियों की मामले में अहम भूमिका बताते हुए उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम जांच कराने की मांग की। सीजेएम नवनीत सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद वादी पक्ष के साक्ष्य को पर्याप्त मानते हुए विवेचक की कार्यशैली को संदिग्ध माना और पुलिस की जांच रिपोर्ट को स्वीकार करने से मना कर दिया है। संवाद