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ग्राम प्रधानों की बेरुखी से दम तोड़ रही ऑपरेशन कायाकल्प योजना
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सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त करने के लिए चलाई जा रही ऑपरेशन कायाकल्प योजना प्रधानों के बेरुखी की वजह से रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत निधि से कक्षों का टाइलीकरण, प्रसाधन निर्माण, चहारदीवारी निर्माण, हैंड वॉशिंग यूनिट, सौंदर्यीकरण, रैंप व विद्युतीकरण का काम कराया जाना था। चुनाव नजदीक होने के चलते ग्राम प्रधान स्कूलों के ऑपरेशन कायाकल्प योजना के बजाय ग्रामीणों से सीधे जुड़ी सहूलियतों पर कहीं अधिक जोर दे रहे हैं।
जिले में 2347 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1735 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय व 612 जूनियर हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। सरकारी विद्यालयों को प्राइवेट स्कूलों की तुलना में खड़ा करने के लिए सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प योजना लागू की है।
इसके तहत ग्राम पंचायत निधि से विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास व सौंदर्यीकरण का काम कराया जाना है। इसके तहत विद्यालय में प्रसाधन निर्माण, कक्षा कक्षों का टाइलीकरण, बाउंड्रीवॉल निर्माण, हैंडवाशिंग यूनिट, पेयजल व्यवस्था, रैंप आदि का काम कराया जाना है।
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शासन की ओर से घोषित इस योजना में प्रधानों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होने वाला है। इसकी वजह से अधिकतर प्रधान व्यक्तिगत कार्यों में अधिक रुचि ले रहे हैं। वे नाली, खड़ंजा, प्रकाश व्यवस्था जैसे कामों में ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों के सौंदर्यीकरण के काम में वह अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लगातार ऑपरेशन कायाकल्प योजना में तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार व प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
ऑपरेशन कायाकल्प योजना में कुछ विद्यालयों में काम तक शुरू नहीं हो पाया है। अधिकारियों के निरीक्षण में इसकी पुष्टि भी हुई है। कुछ जगहों पर ग्राम प्रधानों की ओर से इस योजना का काम शुरू कराया गया है लेकिन वह भी पूर्ण नहीं कराया जा सका है। कुछ विद्यालयों में आंशिक काम हुए हैं। बीएसए दीवान सिंह यादव के मुताबिक 415 विद्यालय संतृप्त हो गए हैं।
शासन की ओर से अनुरक्षण एवं सफाई के लिए कंपोजिट ग्रांट भेजी गई थी। छात्र संख्या के हिसाब से 25 हजार, 50 हजार, 75 हजार व एक लाख रुपये विद्यालयों को भेजे गए थे।
कुछ विद्यालयों में इस योजना के तहत मिले पैसे से एक भी रुपये का काम नहीं कराया गया है, जबकि धनराशि निकालकर खर्च कर ली गई है। बीएसए के निरीक्षण में कई विद्यालयों में इसकी पुष्टि भी हुई है। कुछ जगहों पर प्रधानाध्यापकों को नोटिस भी जारी हुई है।
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जिले में 2347 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1735 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय व 612 जूनियर हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। सरकारी विद्यालयों को प्राइवेट स्कूलों की तुलना में खड़ा करने के लिए सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प योजना लागू की है।
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इसके तहत ग्राम पंचायत निधि से विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास व सौंदर्यीकरण का काम कराया जाना है। इसके तहत विद्यालय में प्रसाधन निर्माण, कक्षा कक्षों का टाइलीकरण, बाउंड्रीवॉल निर्माण, हैंडवाशिंग यूनिट, पेयजल व्यवस्था, रैंप आदि का काम कराया जाना है।
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शासन की ओर से घोषित इस योजना में प्रधानों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होने वाला है। इसकी वजह से अधिकतर प्रधान व्यक्तिगत कार्यों में अधिक रुचि ले रहे हैं। वे नाली, खड़ंजा, प्रकाश व्यवस्था जैसे कामों में ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों के सौंदर्यीकरण के काम में वह अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लगातार ऑपरेशन कायाकल्प योजना में तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार व प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
ऑपरेशन कायाकल्प योजना में कुछ विद्यालयों में काम तक शुरू नहीं हो पाया है। अधिकारियों के निरीक्षण में इसकी पुष्टि भी हुई है। कुछ जगहों पर ग्राम प्रधानों की ओर से इस योजना का काम शुरू कराया गया है लेकिन वह भी पूर्ण नहीं कराया जा सका है। कुछ विद्यालयों में आंशिक काम हुए हैं। बीएसए दीवान सिंह यादव के मुताबिक 415 विद्यालय संतृप्त हो गए हैं।
शासन की ओर से अनुरक्षण एवं सफाई के लिए कंपोजिट ग्रांट भेजी गई थी। छात्र संख्या के हिसाब से 25 हजार, 50 हजार, 75 हजार व एक लाख रुपये विद्यालयों को भेजे गए थे।
कुछ विद्यालयों में इस योजना के तहत मिले पैसे से एक भी रुपये का काम नहीं कराया गया है, जबकि धनराशि निकालकर खर्च कर ली गई है। बीएसए के निरीक्षण में कई विद्यालयों में इसकी पुष्टि भी हुई है। कुछ जगहों पर प्रधानाध्यापकों को नोटिस भी जारी हुई है।