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जिला योजना : कार्यों के लिए एक तिहाई ही मिला बजट
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सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण का सीधा असर जिला योजना के बजट पर पड़ा है। चालू वित्तीय वर्ष में 32863 लाख रुपये बजट के सापेक्ष जिले को 13791 लाख रुपये धनराशि विभिन्न विभागों से संचालित कार्यों के लिए मिल सकी है। करीब एक तिहाई बजट मिलने से कई विभागों के हाथ खाली रह गए। हालांकि इस बीच बड़ी परियोजानओं की रफ्तार जारी रही।
चालू वित्तीय वर्ष में जिला योजना से विभिन्न विभागों के कार्यों को जारी रखने के लिए 32863 लाख रुपये बजट का निर्धारण किया गया था। इसमें केंद्र व राज्यांश भी शामिल है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति करीब ढाई माह बची है। इस बीच जिला योजना से कार्य कराने के लिए विभिन्न विभागों को करीब एक तिहाई ही बजट आवंटित हो सका।
32863 के सापेक्ष 13791 लाख रुपये बजट विभिन्न विभागों के लिए आवंटित होने से कई विभागों के हाथ खाली रह गए। इसमें अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग, नेडा, विज्ञान प्रौद्योगिकी, कार्यक्रम समेत कई विभाग शामिल हैं। पशुपालन, वन विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायतीराज, लोक निर्माण विभाग समेत कई विभागों को लक्ष्य के सापेक्ष कम बजट मिल सका है।
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इसकी वजह से जिला योजना में शामिल कार्यों पर ग्रहण लग गया। इसके पीछे कोरोना संक्रमण की वजह बताई जा रही है। हालांकि सड़क, बिजली, सेतु, फोरलेन, स्वास्थ्य संबंधी बड़ी परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं रही। इन परियोजनाओं के लिए लगातार धनराशि शासन से जारी होती रही। इसकी वजह से फोरलेन, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, तहसील भवन निर्माण समेत अन्य बड़ी परियोजनाओं की गति जारी है। अभी कुछ विभागों को मार्च तक बजट मिलने की उम्मीद है।
मार्च तक विभागों को बजट की उम्मीद
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी पन्नालाल ने बताया कि जिला योजना में कई विभागों को बजट कम मिला है। विभागों को मार्च तक बजट मिलने की उम्मीद है। अप्रैल में ही आवंटित बजट की सही स्थिति पता चल सकेगी।
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चालू वित्तीय वर्ष में जिला योजना से विभिन्न विभागों के कार्यों को जारी रखने के लिए 32863 लाख रुपये बजट का निर्धारण किया गया था। इसमें केंद्र व राज्यांश भी शामिल है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति करीब ढाई माह बची है। इस बीच जिला योजना से कार्य कराने के लिए विभिन्न विभागों को करीब एक तिहाई ही बजट आवंटित हो सका।
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32863 के सापेक्ष 13791 लाख रुपये बजट विभिन्न विभागों के लिए आवंटित होने से कई विभागों के हाथ खाली रह गए। इसमें अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग, नेडा, विज्ञान प्रौद्योगिकी, कार्यक्रम समेत कई विभाग शामिल हैं। पशुपालन, वन विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायतीराज, लोक निर्माण विभाग समेत कई विभागों को लक्ष्य के सापेक्ष कम बजट मिल सका है।
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इसकी वजह से जिला योजना में शामिल कार्यों पर ग्रहण लग गया। इसके पीछे कोरोना संक्रमण की वजह बताई जा रही है। हालांकि सड़क, बिजली, सेतु, फोरलेन, स्वास्थ्य संबंधी बड़ी परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं रही। इन परियोजनाओं के लिए लगातार धनराशि शासन से जारी होती रही। इसकी वजह से फोरलेन, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, तहसील भवन निर्माण समेत अन्य बड़ी परियोजनाओं की गति जारी है। अभी कुछ विभागों को मार्च तक बजट मिलने की उम्मीद है।
मार्च तक विभागों को बजट की उम्मीद
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी पन्नालाल ने बताया कि जिला योजना में कई विभागों को बजट कम मिला है। विभागों को मार्च तक बजट मिलने की उम्मीद है। अप्रैल में ही आवंटित बजट की सही स्थिति पता चल सकेगी।