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Sultanpur News: बच्चों के टिफिन में अब सिर्फ सेहत को जगह
Fri, 03 Apr 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:50 PM IST
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सुल्तानपुर। नए शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में छात्रों की सेहत सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ‘नो जंक फूड’ नीति लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब स्कूलों में बच्चों को जंक फूड लाने और खाने की मनाही होगी, जबकि घर से पौष्टिक टिफिन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि बोर्ड के नए एकेडमिक कैलेंडर में छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। बढ़ते जंक फूड के चलन को देखते हुए स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों में संतुलित आहार की आदत विकसित करें। इसके लिए शिक्षकों को भी विशेष भूमिका दी गई है, जो बच्चों को खानपान और स्वास्थ्य के बीच संबंध समझाएंगे। स्कूलों में इस पहल के तहत जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी, जिससे बच्चे खुद जंक फूड से दूरी बनाकर स्वस्थ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित हों।
तैयार होगी हेल्दी टिफिन लिस्ट
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक अखिलेश पांडेय ने बताया कि स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों के लिए एक संतुलित डाइट चार्ट तैयार करें। इसमें फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध और अन्य पोषक तत्वों को शामिल किया जाएगा। यह सूची अभिभावकों को भी दी जाएगी, जिससे वे बच्चों के टिफिन में पौष्टिक भोजन सुनिश्चित कर सकें।
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वीडियो व गतिविधियों से होगी जागरूकता
छात्रों को जंक फूड के नुकसान समझाने के लिए स्कूलों में वीडियो दिखाए जाएंगे। विज्ञान क्लब और अन्य गतिविधियों के माध्यम से खानपान और सेहत का संबंध बताया जाएगा। शिक्षक रोचक प्रयोगों और खेल-खेल में संतुलित आहार का महत्व समझाकर बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्रधानाचार्यों को भेजे गए निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि परिषद के निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को भेजे जा रहे हैं और नए सत्र से इसे लागू कराया जा रहा है। सही खानपान से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पढ़ाई में उनकी एकाग्रता और प्रदर्शन भी सुधरेगा।
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एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि बोर्ड के नए एकेडमिक कैलेंडर में छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। बढ़ते जंक फूड के चलन को देखते हुए स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों में संतुलित आहार की आदत विकसित करें। इसके लिए शिक्षकों को भी विशेष भूमिका दी गई है, जो बच्चों को खानपान और स्वास्थ्य के बीच संबंध समझाएंगे। स्कूलों में इस पहल के तहत जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी, जिससे बच्चे खुद जंक फूड से दूरी बनाकर स्वस्थ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित हों।
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तैयार होगी हेल्दी टिफिन लिस्ट
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक अखिलेश पांडेय ने बताया कि स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों के लिए एक संतुलित डाइट चार्ट तैयार करें। इसमें फल, हरी सब्जियां, दाल, दूध और अन्य पोषक तत्वों को शामिल किया जाएगा। यह सूची अभिभावकों को भी दी जाएगी, जिससे वे बच्चों के टिफिन में पौष्टिक भोजन सुनिश्चित कर सकें।
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वीडियो व गतिविधियों से होगी जागरूकता
छात्रों को जंक फूड के नुकसान समझाने के लिए स्कूलों में वीडियो दिखाए जाएंगे। विज्ञान क्लब और अन्य गतिविधियों के माध्यम से खानपान और सेहत का संबंध बताया जाएगा। शिक्षक रोचक प्रयोगों और खेल-खेल में संतुलित आहार का महत्व समझाकर बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
प्रधानाचार्यों को भेजे गए निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि परिषद के निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को भेजे जा रहे हैं और नए सत्र से इसे लागू कराया जा रहा है। सही खानपान से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पढ़ाई में उनकी एकाग्रता और प्रदर्शन भी सुधरेगा।