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Sultanpur News: अब मनरेगा मजदूरों को भी बताना होगा...मैं जिंदा हूं

Mon, 27 Oct 2025 11:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Oct 2025 11:41 PM IST
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Now MNREGA workers will also have to be told... I am alive
जयसिंहपुर में काम करते जॉब कार्डधारक।
जयसिंहपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सक्रिय मजदूरों को अब अपने जीवित होने का प्रमाण देना होगा। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने ई केवाईसी प्रक्रिया शुरू की है, जो सरकारी पेंशनरों की तरह आधार आधारित प्रमाणीकरण के जरिये होगी। इस पहल का उद्देश्य योजना में हो रहे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।
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जयसिंहपुर विकास खंड की 89 ग्राम पंचायतों में कुल 17,522 सक्रिय मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। इन सभी मजदूरों की ई केवाईसी कराई जानी है, जिसके तहत उनकी आंखों की स्कैनिंग और आधार सत्यापन किया जाएगा। ग्राम रोजगार सेवक और महिला मेट को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए प्रतिदिन मॉनिटरिंग हो रही है। मनरेगा मजदूरों की ई केवाईसी नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) और आधार ई केवाईसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है।
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यह कदम उन फर्जी जॉब कार्डों की पहचान और समाप्ति के लिए उठाया गया है, जिनके नाम पर अब तक भुगतान हो रहा था। हालांकि, ई केवाईसी प्रक्रिया की रफ्तार अभी धीमी है। 15 अक्तूबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित हो रही है। अब तक मात्र 3,325 जॉब कार्ड धारक मजदूरों की ई केवाईसी पूरी हो पाई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सर्वर की समस्या दूर होते ही कार्य में तेजी लाई जाएगी, जिससे सभी मजदूरों की पुष्टि समय से की जा सके। (संवाद)
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इनसेट

मृतकों के नाम पर चल रही मजदूरी

इस अभियान के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि तमाम गांवों में मृतकों के नाम पर मजदूरी चल रही है। कई गांवों में ऐसे जॉब कार्ड मिले हैं, जिनके धारक या तो वर्षों पहले पलायन कर चुके हैं या अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके नाम पर भुगतान जारी था। अब ई केवाईसी के जरिये उन कार्डों को खत्म करने का अभियान शुरू हुआ है।

मजदूरों की बेचैनी

गांवों में मजदूरों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सदरपुर निवासी मो. रुफीक ने इसे जरूरी बताया, वहीं सुरेश कुमार ने तंज कसा, कहा कि काम तो महीने में दो दिन मिलता है, पर जिंदा रहने का सबूत हर साल देना पड़ेगा।
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