{"_id":"681906d4298a7b2ca90544f4","slug":"no-water-in-aurangabad-rajbaha-irrigation-becomes-expensive-sultanpur-news-c-103-lu11010-132190-2025-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: औरंगाबाद रजबाहा में पानी नहीं, सिंचाई हुई महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: औरंगाबाद रजबाहा में पानी नहीं, सिंचाई हुई महंगी
Tue, 06 May 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 06 May 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
कुड़वार क्षेत्र में सूखी पड़ी औरंगाबाद रजबाहा।
संवाद न्यूज एजेंसी
कुड़वार (सुल्तानपुर)। औरंगाबाद रजबाहा में पानी नहीं आ रहा है। खरीफ सीजन में बोई गई उड़द, चरी, ढैंचा, मक्का आदि फसलें सूखने लगी हैं। निजी नलकूप के भरोसे गर्मी के मौसम में हर चौथे दिन किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने पानी छोड़ने की गुहार लगाई है।
औरंगाबाद रजबाहा अमेठी के मुसाफिरखाना से निकलकर कटावां होते हुए मुरलीनगर तक करीब 32 किमी तक फैला है। इस रजबाहा के पानी से मुसाफिरखाना के नेवाज का पुरवा, चौहान का पुरवा, करपिया, कुड़वार के कोटिया, सरैया पूरे बिसेन, बहरमपुर, डोमनपुर, धरावां, सरकौड़ा, जगदीशपुर, देवलपुर गजेहड़ी, सोहगौली और दूबेपुर के बांसी, उतरदहा, कटावां, खैंचिला व मुरली नगर तक के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। पानी नहीं आने से उड़द, चरी और मक्का की फसलें सूख रही हैं। मजबूरी में किसान निजी नलकूपों से महंगे दाम पर सिंचाई कर रहे हैं।
-- -- -- -- -- इनसेट-- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
किसानों ने बताई परेशानी
पूरे बृजलाल निवासी अशोक यादव ने तीन बीघा उड़द और ढाई बीघा चरी की बोआई की है। बताया कि नहर में पानी नहीं आने से निजी नलकूप से सिंचाई करनी पड़ रही है। एक घंटे में 150 रुपये का डीजल लगता है। राम केवल यादव ने बताया कि डेढ़ बीघा उड़द की सिंचाई निजी नलकूप से करने में चार घंटे लगता है। प्रति घंटा सिंचाई का रेट 250 रुपये है।
पंडित का पुरवा निवासी मनीष तिवारी ने बताया कि दो बीघा उड़द और 10 बिस्वा चरी की बोआई की है। निजी नलकूप से सिंचाई करना महंगा पड़ रहा है। शमशाद ने ढाई बीघा में जानवरों को हरा चारा खिलाने के लिए चरी और एक बीघा में मक्का बोया है। कहा कि रजबाहा में पानी आ जाए तो काफी बचत होगी। महंगाई के समय में फसल की लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
-- -- -- इनसेट-- -- -- -
बड़ी नहर में नहीं है पानी
औरंगाबाद रजबाहा के जेई राजीव कुमार ने बताया कि इस समय बड़ी नहर में पानी नहीं है। बड़ी नहर में पानी आने पर ही औरंगाबाद रजबाहा में छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
कुड़वार (सुल्तानपुर)। औरंगाबाद रजबाहा में पानी नहीं आ रहा है। खरीफ सीजन में बोई गई उड़द, चरी, ढैंचा, मक्का आदि फसलें सूखने लगी हैं। निजी नलकूप के भरोसे गर्मी के मौसम में हर चौथे दिन किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने पानी छोड़ने की गुहार लगाई है।
औरंगाबाद रजबाहा अमेठी के मुसाफिरखाना से निकलकर कटावां होते हुए मुरलीनगर तक करीब 32 किमी तक फैला है। इस रजबाहा के पानी से मुसाफिरखाना के नेवाज का पुरवा, चौहान का पुरवा, करपिया, कुड़वार के कोटिया, सरैया पूरे बिसेन, बहरमपुर, डोमनपुर, धरावां, सरकौड़ा, जगदीशपुर, देवलपुर गजेहड़ी, सोहगौली और दूबेपुर के बांसी, उतरदहा, कटावां, खैंचिला व मुरली नगर तक के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। पानी नहीं आने से उड़द, चरी और मक्का की फसलें सूख रही हैं। मजबूरी में किसान निजी नलकूपों से महंगे दाम पर सिंचाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने बताई परेशानी
पूरे बृजलाल निवासी अशोक यादव ने तीन बीघा उड़द और ढाई बीघा चरी की बोआई की है। बताया कि नहर में पानी नहीं आने से निजी नलकूप से सिंचाई करनी पड़ रही है। एक घंटे में 150 रुपये का डीजल लगता है। राम केवल यादव ने बताया कि डेढ़ बीघा उड़द की सिंचाई निजी नलकूप से करने में चार घंटे लगता है। प्रति घंटा सिंचाई का रेट 250 रुपये है।
पंडित का पुरवा निवासी मनीष तिवारी ने बताया कि दो बीघा उड़द और 10 बिस्वा चरी की बोआई की है। निजी नलकूप से सिंचाई करना महंगा पड़ रहा है। शमशाद ने ढाई बीघा में जानवरों को हरा चारा खिलाने के लिए चरी और एक बीघा में मक्का बोया है। कहा कि रजबाहा में पानी आ जाए तो काफी बचत होगी। महंगाई के समय में फसल की लागत निकालना मुश्किल हो गया है।
बड़ी नहर में नहीं है पानी
औरंगाबाद रजबाहा के जेई राजीव कुमार ने बताया कि इस समय बड़ी नहर में पानी नहीं है। बड़ी नहर में पानी आने पर ही औरंगाबाद रजबाहा में छोड़ा जाएगा।