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हैंडओवर नहीं हो सका 57 लाख से बना टॉयलेट ब्लॉक
Amarujala Bureau
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:41 PM IST
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प्रोजेक्ट में देरी
- फोटो : अमर उजाला
जिले के तीन राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में कुल 57 लाख की लागत से बना टॉयलेट ब्लॉक साल भर बाद भी हस्तांतरित नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था की ओर से बनाए गए टॉयलेट ब्लॉक गुणवत्ताविहीन होने की वजह से माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हैंडओवर लेने से मना कर दिया है। खराब गुणवत्ता की शिकायत कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक एवं शासन से की गई है।
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जिले के केशकुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जीजीआईसी भदैंया एवं कादीपुर में 19-19 लाख की लागत से टॉयलेट ब्लॉक बनकर तैयार है। टॉयलेट ब्लॉक बनाने वाली कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल बाराबंकी की ओर से टॉयलेट ब्लॉकों में गुणवत्ता मानक का ध्यान नहीं रखा गया है। पिछले दिनों हुए डीएम के निरीक्षण में टॉयलेट ब्लॉक में गुणवत्ताविहीन कार्य पाए गए। छतें समतल नहीं मिलीं, दीवारों की गुणवत्ता खराब पाई गई। गुणवत्ताविहीन कार्य की वजह से जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने हस्तांतरण से मना कर दिया। साथ ही कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक को पत्र लिखकर गुणवत्ता में सुधार करने की मांग की है।
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1.92 लाख से बालिकाओं को मिलेगा शुद्घ पेयजल
जिले के तीन राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में अध्ययनरत छात्राओं के लिए एक लाख 92 हजार की लागत से शुद्घ पेयजल की व्यवस्था होगी। केशकुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जीजीआईसी कादीपुर एवं भदैंया में 50 लीटर क्षमता का आरओ सिस्टम, एक हजार लीटर की टंकी स्थापित की जाएगी। प्रत्येक जीजीआईसी में 64 हजार की धनराशि से बालिकाओं को शुद्घ पेयजल मुहैया कराया जाएगा। डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि शुद्घ पेयजल के लिए फर्मों से कोटेशन मंगाए गए हैं।
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10 मार्च तक ही हो जाना था हैंडओवर
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि तीनों जीजीआईसी में नवनिर्मित टॉयलेट ब्लॉकों को हैंडओवर 10 मार्च 2017 तक हो जाना था लेकिन गुणवत्ता खराब होने की वजह से टॉयलेट ब्लॉक हस्तांतरित नहीं हो सके। गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक को रिमाइंडर भेजा गया है।