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जर्जर भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर नौनिहाल

Wed, 10 Jul 2019 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2019 11:03 PM IST
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Ninehall forced to study in shabby buildings
सुल्तानपुर। योगी सरकार भले ही बेसिक स्कूलों की दशा सुधारने का प्रयास कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों का शिक्षा ग्रहण करना कितना जोखिम भरा है, इसका अंदाजा विद्यालयों की जर्जर इमारतों को देखकर ही लगाया जा सकता है।
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जिले के कई ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें बारिश के मौसम में छतों से लगातार पानी टपक रहा है। दीवारों पर सीलन है और प्लास्टर भी उखड़कर अध्ययन कक्षों में गिर रहे हैं। अध्यापक बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कहीं बरामदे में पढ़ाई कराते हैं तो कहीं एक ही कमरे में कई कक्षाओं के बच्चे एक साथ बैठते हैं।
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धनपतगंज विकासखंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय सेवरा में 64 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय के भवन की दीवार में दरार पड़ गई है। बरसात के मौसम में पानी का रिसाव हो रहा है। इससे न सिर्फ बच्चों को बैठने में दिक्कतें हो रही हैं, बल्कि हादसे की भी आशंका बनी हुई है। विद्यालय भवन वर्ष 1992 में बना था।
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कूरेभार विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बनरहा प्रथम का भवन भी जर्जर अवस्था में है। कमरे में छत से प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। बारिश की वजह से छत से पानी टपक रहा है।
विद्यालय में करीब 60 बच्चे पंजीकृत हैं। बगल में ही प्राथमिक विद्यालय बनरहा द्वितीय भी संचालित है। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए दोनों विद्यालयों के बच्चे एक जगह अध्ययन कर रहे हैं।
भदैंया विकासखंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर की छत से पानी का रिसाव हो रहा है। विद्यालय भवन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कभी भी ,ढह सकता है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रधानाध्यापक छात्र-छात्राओं को लेकर न्याय पंचायत भवन में पढ़ाई करा रहे हैं।
भदैंया विकासखंड क्षेत्र के मॉडल प्राथमिक विद्यालय मुरारपुर में मंगलवार की रात में भारी बारिश के दौरान बिजली के हाईटेंशन लाइन का तार किचन शेड की छत व परिसर में गिर गया। रात्रि में तार टूटकर गिरने की वजह से बड़ा हादसा होने से बचा। सुबह जब विद्यालय खुला तो शिक्षकों ने मामले की सूचना पावर कॉर्पोरेशन को दी। यही नहीं इसी विकासखंड के मॉडल स्कूल भरसारे, दूबेपुर विकासखंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय अहिमाने, प्राथमिक विद्यालय अमिलिया, लोहरामऊ, पुरानी संगत, भदैंया के पूरे लोदी व दूबेपुर के सेमर घाट प्राथमिक विद्यालयों में भी भवन या परिसर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता निजाम खान ने पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता से विद्युत तारों को विद्यालय परिसर से शिफ्ट कराने की मांग की है।
भदैंया विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरई का पूरा की बाउंड्रीवाल बारिश के दौरान ढह गई। इस दौरान आसपास बच्चों के नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।
बारिश के मौसम में परिषदीय स्कूलों में जलभराव की समस्या आम हो चली है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से चहारदीवारी ढह रही है।
प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद जर्जर भवनों में अध्ययन नहीं कराए जाने का निर्देश सभी खंड शिक्षाधिकारियों व प्रधानाध्यापकों को दिया गया है।

वर्तमान में 344 ऐसे विद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें अध्ययन-अध्यापन जोखिम भरा है। बरसात के बाद जो भवन मरम्मत के योग्य होंगे, उनका मरम्मतीकरण कराया जाएगा।
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