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Sultanpur News: पुराने लाइसेंस पर नई पैकिंग, तीन मशीनें सील
Sat, 04 Apr 2026 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:24 PM IST
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प्यारेपट्टी में दूध के प्रतिष्ठान पर छापा मारती टीम। स्रोत- विभाग
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सुल्तानपुर। बिना वैध लाइसेंस के शहर के घरहाखुर्द पौशाला प्यारेपट्टी क्षेत्र में पेय पदार्थ बनाने का प्रतिष्ठान पकड़ा। शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापा मारकर अवैध उत्पादन पर कार्रवाई करते हुए तीन मशीनों को सील कर 210 लीटर पेय पदार्थ नष्ट कराया।
अयोध्या मंडल के सहायक आयुक्त खाद्य बीके सिंह के नेतृत्व में टीम ने मेसर्स मिल्क पोर्ट नामक प्रतिष्ठान पर छापा मारा। इस दौरान पाया गया कि यहां दूध और पेय पदार्थ की पैकेजिंग तो की जा रही थी, लेकिन पैकेटों पर जो लाइसेंस संख्या अंकित थी, वह समाप्त हो चुकी थी। प्रतिष्ठान के पास निर्माण का वर्तमान लाइसेंस मौजूद था, लेकिन उसका उपयोग न कर पुराने लाइसेंस नंबर से पैकेजिंग की जा रही थी।
मौजूद जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय प्रताप सिंह और दीपक कुमार पटेल भी मौजूद रहे।
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टीम ने पेय पदार्थ, दूध और दही के तीन नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। बन रहे पेय पदार्थ के निर्माण का वैध लाइसेंस मौके पर नहीं दिखाया जा सका। सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार ने बताया कि संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं, जिससे दोबारा इस तरह की लापरवाही न हो और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोका जा सके।
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अयोध्या मंडल के सहायक आयुक्त खाद्य बीके सिंह के नेतृत्व में टीम ने मेसर्स मिल्क पोर्ट नामक प्रतिष्ठान पर छापा मारा। इस दौरान पाया गया कि यहां दूध और पेय पदार्थ की पैकेजिंग तो की जा रही थी, लेकिन पैकेटों पर जो लाइसेंस संख्या अंकित थी, वह समाप्त हो चुकी थी। प्रतिष्ठान के पास निर्माण का वर्तमान लाइसेंस मौजूद था, लेकिन उसका उपयोग न कर पुराने लाइसेंस नंबर से पैकेजिंग की जा रही थी।
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मौजूद जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय प्रताप सिंह और दीपक कुमार पटेल भी मौजूद रहे।
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टीम ने पेय पदार्थ, दूध और दही के तीन नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। बन रहे पेय पदार्थ के निर्माण का वैध लाइसेंस मौके पर नहीं दिखाया जा सका। सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार ने बताया कि संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं, जिससे दोबारा इस तरह की लापरवाही न हो और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोका जा सके।