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Sultanpur News: अब मशीनें तय करेंगी वाहनों की फिटनेस
Sun, 13 Sep 2026 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 12:05 AM IST
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सेमरी में तैयार हुआ स्वचलित वाहन परीक्षण केंद्र। संवाद
सेमरी बाजार। व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच अब मशीनों की कसौटी पर होगी। जयसिंहपुर के निदूरा गांव में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक रोड के किनारे परिवहन विभाग का स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र (एटीएस) तैयार हो गया है।
करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र का संचालन अक्तूबर से शुरू करने की तैयारी है। मशीन आधारित जांच शुरू होने से फिटनेस परीक्षण में मानवीय दखल कम होगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
केंद्र में वाहनों के ब्रेक, हेडलाइट एलाइनमेंट, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, हॉर्न, स्पीडोमीटर और अंडरबॉडी समेत प्रमुख तकनीकी मानकों की मशीनों से जांच की जाएगी। निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वहीं, तकनीकी खामी मिलने पर वाहन मालिक को मरम्मत कराने के बाद दोबारा परीक्षण कराना होगा। केंद्र के प्रबंधक भरत शर्मा ने बताया कि भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। मशीनों का परीक्षण भी किया जा चुका है। संचालन शुरू होने के बाद वाहनों की फिटनेस रिपोर्ट मशीनों से किए गए परीक्षण के आधार पर तैयार की जाएगी।
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आसपास के जिलों की होगी फिटनेस एटीएस शुरू होने के बाद सुल्तानपुर के अलावा अंबेडकरनगर, अयोध्या और आसपास के जिलों के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच यहां हो सकेगी। इससे वाहन संचालकों को आधुनिक जांच सुविधा मिलने के साथ समय की भी बचत होगी।
तकनीकी खामियां पकड़ना होगा आसान
एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला ने बताया कि एटीएस में वाहनों की जांच निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार की जाएगी। मशीन आधारित परीक्षण से फिटनेस प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही वाहनों की तकनीकी खामियों का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।
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करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र का संचालन अक्तूबर से शुरू करने की तैयारी है। मशीन आधारित जांच शुरू होने से फिटनेस परीक्षण में मानवीय दखल कम होगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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केंद्र में वाहनों के ब्रेक, हेडलाइट एलाइनमेंट, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, हॉर्न, स्पीडोमीटर और अंडरबॉडी समेत प्रमुख तकनीकी मानकों की मशीनों से जांच की जाएगी। निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वहीं, तकनीकी खामी मिलने पर वाहन मालिक को मरम्मत कराने के बाद दोबारा परीक्षण कराना होगा। केंद्र के प्रबंधक भरत शर्मा ने बताया कि भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। मशीनों का परीक्षण भी किया जा चुका है। संचालन शुरू होने के बाद वाहनों की फिटनेस रिपोर्ट मशीनों से किए गए परीक्षण के आधार पर तैयार की जाएगी।
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आसपास के जिलों की होगी फिटनेस एटीएस शुरू होने के बाद सुल्तानपुर के अलावा अंबेडकरनगर, अयोध्या और आसपास के जिलों के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच यहां हो सकेगी। इससे वाहन संचालकों को आधुनिक जांच सुविधा मिलने के साथ समय की भी बचत होगी।
तकनीकी खामियां पकड़ना होगा आसान
एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला ने बताया कि एटीएस में वाहनों की जांच निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार की जाएगी। मशीन आधारित परीक्षण से फिटनेस प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही वाहनों की तकनीकी खामियों का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।