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निशुल्क बोरिंग के लाभार्थियों की सूची मांगी
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सुल्तानपुर। लघु सिंचाई विभाग कार्यालय व स्टोर के निरीक्षण में बड़ी खामियां पाई र्गइं हैं। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी निशुल्क व मध्यम गहरी बोरिंग का पूरा ब्यौरा नहीं उपलब्ध करा सके। एक्सईएन समेत अन्य दो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए एक्सईएन समेत अन्य से स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रभारी डीएम/मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स बुधवार की सुबह अमहट स्थित लघु सिंचाई विभाग कार्यालय व स्टोर का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। मौके पर एक्सईएन राजीव मिश्र समेत दो लोग अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति पंजिका भी अपडेट नहीं पाई गई।
कार्यालय में कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। इसके बाद जिला निधि से स्वीकृत एक चेकडैम की प्रगति की जानकारी ली। पता चला कि टेंडर करा लिया गया लेकिन अभी तक फर्म से अनुबंध नहीं हो सका। चेकडैम बनाने वाले स्थल की फोटो भी पत्रावली में नहीं मिली।
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सीडीओ ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 1245 निशुल्क बोरिंग व 50 मध्यम गहरी बोरिंग के लक्ष्य की जानकारी ली। पता चला कि तीन विकास खंडों कादीपुर, दोस्तपुर व बल्दीराय में ही योजना का संचालन किया जा रहा है। कर्मचारियों की ओर से निशुल्क बोरिंग कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई लेकिन बोरिंग की स्थलवार फोटो पत्रावली में नहीं मिली। बोरिंग पर दी जाने वाली अनुदान धनराशि की भी जानकारी कर्मचारी नहीं दे सके।
नाराज सीडीओ ने जिला स्तरीय अधिकारियों की कमेटी से जांच के लिए एसडीओ से ग्राम पंचायतवार निशुल्क बोरिंग के लाभार्थियों की सूची मांगी है। निशुल्क बोरिंग के लिए स्टोर के बाहर रखी गई पाइप में भी आईएसआई मार्क नहीं पाया गया। इसकी जिम्मेदारी एसडीओ ने एक्सईएन पर डाल दी।
कार्यालय के बाहर गड़बड़ पाइप देख सीडीओ भड़क गए। उन्होंने एक्सईएन से तीन दिन के भीतर आख्या मांगी है। साथ ही कार्यालय में व्याप्त गंदगी व अव्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। सीडीओ के औचक निरीक्षण से विभाग में हड़कंप मचा रहा।
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प्रभारी डीएम/मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स बुधवार की सुबह अमहट स्थित लघु सिंचाई विभाग कार्यालय व स्टोर का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। मौके पर एक्सईएन राजीव मिश्र समेत दो लोग अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति पंजिका भी अपडेट नहीं पाई गई।
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कार्यालय में कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। इसके बाद जिला निधि से स्वीकृत एक चेकडैम की प्रगति की जानकारी ली। पता चला कि टेंडर करा लिया गया लेकिन अभी तक फर्म से अनुबंध नहीं हो सका। चेकडैम बनाने वाले स्थल की फोटो भी पत्रावली में नहीं मिली।
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सीडीओ ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 1245 निशुल्क बोरिंग व 50 मध्यम गहरी बोरिंग के लक्ष्य की जानकारी ली। पता चला कि तीन विकास खंडों कादीपुर, दोस्तपुर व बल्दीराय में ही योजना का संचालन किया जा रहा है। कर्मचारियों की ओर से निशुल्क बोरिंग कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई लेकिन बोरिंग की स्थलवार फोटो पत्रावली में नहीं मिली। बोरिंग पर दी जाने वाली अनुदान धनराशि की भी जानकारी कर्मचारी नहीं दे सके।
नाराज सीडीओ ने जिला स्तरीय अधिकारियों की कमेटी से जांच के लिए एसडीओ से ग्राम पंचायतवार निशुल्क बोरिंग के लाभार्थियों की सूची मांगी है। निशुल्क बोरिंग के लिए स्टोर के बाहर रखी गई पाइप में भी आईएसआई मार्क नहीं पाया गया। इसकी जिम्मेदारी एसडीओ ने एक्सईएन पर डाल दी।
कार्यालय के बाहर गड़बड़ पाइप देख सीडीओ भड़क गए। उन्होंने एक्सईएन से तीन दिन के भीतर आख्या मांगी है। साथ ही कार्यालय में व्याप्त गंदगी व अव्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। सीडीओ के औचक निरीक्षण से विभाग में हड़कंप मचा रहा।