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युवक की पिटाई कर किया अपहरण, तनाव

Sun, 10 Nov 2019 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 10:42 PM IST
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Kidnapped after beating a young man, firing on family members who came to save
सुल्तानपुर। एक बार फिर पुलिस की बड़ी लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। दो दिन पूर्व पड़ोसी के घर के सामने खड़े युवक की दबंगों ने पिटाई कर अपहरण कर लिया। युवक को बचाने दौड़े परिवारीजनों पर अपहरणकर्ताओं ने फायरिंग कर दहशत फैला दी।
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युवक को बचाने के लिए कोतवाली देहात थाने पहुंचे परिवारीजनों को पुलिस से मदद की बजाय निराशा हाथ लगी। पुलिस से कोई मदद जब परिवारीजनों को नहीं मिली तो रविवार को सड़क पर उतर पड़े।
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पूरे मामले की सूचना मिलते ही एसपी गांव पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली। एसपी ने एसओ को लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाते हुए अपहृत युवक की बरामदगी के लिए स्वाट टीम को लगाया है। पुलिस ने अपहृत युवक की पत्नी की तहरीर पर तीन नामजद व अन्य के खिलाफ मारपीट व अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है।
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कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अलहदादपुर सजैया गांव निवासी राकेश वर्मा (39) वाहन चालक है। पिछले आठ नवंबर को राकेश वर्मा गांव के ही संजय विश्वकर्मा के घर के सामने खड़ा था।
तभी गांव का ही अच्छन बाइक से वहां पहुंच गया। बाइक राकेश के पैर से छू गई। इस पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कहासुनी के दौरान ही अच्छन ने मोबाइल से कॉल करके अख्तर व तीन अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया था।
पांचों मिलकर राकेश वर्मा की बेल्ट व लात घूसों से पिटाई कर उसे बाइक पर बैठाकर ले जाने लगे। इस दौरान जब घर वाले राकेश को बचाने दौड़े तो उन पर अच्छन ने फायर झोंक दिया था।
इसके बाद अच्छन आदि राकेश को उठा ले गए थे। परिवारीजन घटना की तहरीर पर आठ नवंबर की रात कोतवाली देहात थाने पहुंचे थे, जहां थानाध्यक्ष शरद कुमार ने भगा दिया था।
जब राकेश वापस घर नहीं पहुंचा तो परिवारीजन नौ नवंबर को भी थाने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और न ही पुलिस ने आरोपियों को बुलाकर पूछताछ की। रविवार को पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। पीड़ित परिवार ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतर आया।
गांव में तनाव की सूचना मिलते ही एसपी हिमांशु कुमार मातहतों के साथ गांव पहुंच गए। एसपी ने राकेश वर्मा की पत्नी सुमन वर्मा और पड़ोसियों से पूछताछ की। पड़ोसियों ने एसपी को पूरी घटना की जानकारी दी।
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओ कोतवाली देहात शरद कुमार को मौके पर ही फटकार लगाई। एसपी ने स्वाट टीम को आरोपियों के घर पर दबिश देकर हिरासत में लेने की बात कही।
अलहदादपुर सजैया गांव में रविवार को ग्रामीणों को अपहृत राकेश वर्मा की चप्पल के साथ ही कपड़े मिले। ग्रामीणों के साथ ही परिवारीजन भी राकेश के साथ किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। राकेश के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोतवाली देहात थानाध्यक्ष शरद कुमार पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अलहदादपुर सजैया गांव निवासी राकेश वर्मा के मामले में भी एसओ की भूमिका बेहद खराब रही।

परिवारीजनों के अनुसार राकेश के अपहरण और पिटाई के मामले में परिवारीजन लगातार थाने जाते रहे और एसओ उन्हें टरका देते थे। पुलिस सजग होती तो राकेश का अब तक पता चल गया होता।
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