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एक दिन की कलेक्टर बनी इंटर की छात्रा प्रज्ञा
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सुल्तानपुर। इंटरमीडिएट की छात्रा प्रज्ञा सोमवार को एक दिन के लिए सांकेतिक कलेक्टर बनीं। उन्होंने कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर उपजिलाधिकारी व थानाध्यक्ष को भूमि विवाद के निस्तारण के निर्देश दिए। प्रज्ञा ने जनशिकायतों की सुनवाई की। जनशिकायतों की सुनवाई के बाद कराए जा रहे सरकारी कार्यों की जानकारी ली।
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की हौसला अफजाई के लिए सोमवार को डीएम रवीश गुप्ता ने शहर के केशकुमारी बालिका इंटर कॉलेज के इंटरमीडिएट की छात्रा प्रज्ञा त्रिपाठी को एक दिन का सांकेतिक कलेक्टर बनाया। एक दिन की कलेक्टर बनी प्रज्ञा ने कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई शुरू की।
पहले उन्हें प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में परेशानी हुई लेकिन बगल में बैठे डीएम रवीश गुप्ता ने इसका तरीका बताया। इसके बाद कूरेभार क्षेत्र के एक फरियादी ने गांव के ही एक व्यक्ति पर दबंगई का आरोप लगाते हुए अपनी भूमि हड़पने का आरोप लगाया।
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सुनवाई करते हुए प्रज्ञा ने एसडीएम सदर व थानाध्यक्ष कूरेभार को तत्काल भूमि का निस्तारण कराते हुए आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसी तरह एक पीड़ित बच्चे के भूमि विवाद का निस्तारण उसके अभिभावक की सलाह पर कराने का निर्देश दिया।
बच्चे के मां-बाप का देहांत हो चुका है। प्रज्ञा ने शिकायतों को पढ़ते हुए संबंधित को निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद कराए जा रहे विभागीय कार्यों की जानकारी ली। डीएम रवीश गुप्ता ने विभागीय कार्यों की समीक्षा के संबंध में नामित कलेक्टर को जानकारी दी।
शिकायतों की सुनवाई के बाद प्रज्ञा त्रिपाठी में आत्म विश्वास जगा। जयसिंहपुर के रूपिनपुर खजुरी निवासी प्रज्ञा ने सुनवाई के बाद बताया कि डीएम के सहयोग से शिकायतों के निस्तारण व समीक्षा की जानकारी मिली।
एक दिन का जिलाधिकारी बनने से बहुत खुशी हुई है। डीएम सर के सहयोग से जिलाधिकारी के दायित्वों की सीख मिली है। भविष्य में आईएएस बनने बनकर समाज व महिलाओं के हित में कार्य करने की इच्छा है। डीएम ने कलेक्टर का दायित्व देकर महिलाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
- प्रज्ञा त्रिपाठी, एक दिन की डीएम।
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह पहल की गई है। पद का दायित्व मिलने से बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं बशर्ते उन्हें रास्ता दिखाने की जरूरत है।
- रवीश गुप्ता, डीएम
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मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की हौसला अफजाई के लिए सोमवार को डीएम रवीश गुप्ता ने शहर के केशकुमारी बालिका इंटर कॉलेज के इंटरमीडिएट की छात्रा प्रज्ञा त्रिपाठी को एक दिन का सांकेतिक कलेक्टर बनाया। एक दिन की कलेक्टर बनी प्रज्ञा ने कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई शुरू की।
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पहले उन्हें प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में परेशानी हुई लेकिन बगल में बैठे डीएम रवीश गुप्ता ने इसका तरीका बताया। इसके बाद कूरेभार क्षेत्र के एक फरियादी ने गांव के ही एक व्यक्ति पर दबंगई का आरोप लगाते हुए अपनी भूमि हड़पने का आरोप लगाया।
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सुनवाई करते हुए प्रज्ञा ने एसडीएम सदर व थानाध्यक्ष कूरेभार को तत्काल भूमि का निस्तारण कराते हुए आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसी तरह एक पीड़ित बच्चे के भूमि विवाद का निस्तारण उसके अभिभावक की सलाह पर कराने का निर्देश दिया।
बच्चे के मां-बाप का देहांत हो चुका है। प्रज्ञा ने शिकायतों को पढ़ते हुए संबंधित को निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद कराए जा रहे विभागीय कार्यों की जानकारी ली। डीएम रवीश गुप्ता ने विभागीय कार्यों की समीक्षा के संबंध में नामित कलेक्टर को जानकारी दी।
शिकायतों की सुनवाई के बाद प्रज्ञा त्रिपाठी में आत्म विश्वास जगा। जयसिंहपुर के रूपिनपुर खजुरी निवासी प्रज्ञा ने सुनवाई के बाद बताया कि डीएम के सहयोग से शिकायतों के निस्तारण व समीक्षा की जानकारी मिली।
एक दिन का जिलाधिकारी बनने से बहुत खुशी हुई है। डीएम सर के सहयोग से जिलाधिकारी के दायित्वों की सीख मिली है। भविष्य में आईएएस बनने बनकर समाज व महिलाओं के हित में कार्य करने की इच्छा है। डीएम ने कलेक्टर का दायित्व देकर महिलाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
- प्रज्ञा त्रिपाठी, एक दिन की डीएम।
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह पहल की गई है। पद का दायित्व मिलने से बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं बशर्ते उन्हें रास्ता दिखाने की जरूरत है।
- रवीश गुप्ता, डीएम