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भारतीय संगीत दुनिया की हर विधा से आगे : कैलाश खेर
Sat, 11 Nov 2023 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 11 Nov 2023 12:47 AM IST
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सूरापुर के विजेथुआ महाबीरन धाम पर गीत प्रस्तुत करते कैलाश खेर। -संवाद
सूरापुर (सुल्तानपुर)। भारत की पावन धरा विजेथुआ धाम में चल रहे महोत्सव में शुक्रवार की देर शाम पहुंचे पद्मश्री गायक कैलाश खेर ने हनुमानजी के दर्शन किए। भक्ति संगीत कार्यक्रम शुरू होने के पहले प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत दुनिया की हर विधा से आगे है।
वर्तमान समय की राजनीति के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि पहले राजनीति होती थी। अब काजनीति संचालित हो रही है। कहा कि यह सब भगवान भोले की नगरी है। यहां के निवासी भी भोले हैं। कार्यक्रम के आयोजक विवेक तिवारी को उन्होंने हनुमानजी का अनन्य भक्त बताया। महोत्सव में देर रात तक उनका कार्यक्रम चलता रहा।
विजेथुआ महोत्सव में पहुंचे आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने हनुमान जी के दर्शन किये। उन्होंने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी से हूं। गोस्वामी तुलसीदास पैदा बांदा में हुए लेकिन पले, बढ़े और श्रीरामचरित मानस की रचना काशी में की। काशी आज भी वह नगरी है जहां की रामलीला प्रसिद्ध है। आयोजक विवेक तिवारी ने उन्हें शाल और स्मृति चिह्नभेंट कर सम्मानित किया।
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वर्तमान समय की राजनीति के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि पहले राजनीति होती थी। अब काजनीति संचालित हो रही है। कहा कि यह सब भगवान भोले की नगरी है। यहां के निवासी भी भोले हैं। कार्यक्रम के आयोजक विवेक तिवारी को उन्होंने हनुमानजी का अनन्य भक्त बताया। महोत्सव में देर रात तक उनका कार्यक्रम चलता रहा।
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विजेथुआ महोत्सव में पहुंचे आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने हनुमान जी के दर्शन किये। उन्होंने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी से हूं। गोस्वामी तुलसीदास पैदा बांदा में हुए लेकिन पले, बढ़े और श्रीरामचरित मानस की रचना काशी में की। काशी आज भी वह नगरी है जहां की रामलीला प्रसिद्ध है। आयोजक विवेक तिवारी ने उन्हें शाल और स्मृति चिह्नभेंट कर सम्मानित किया।
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