फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Independents will decide the direction of the chair of the District Panchayat President

निर्दलीय तय करेंगे जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की दिशा

Sat, 26 Jun 2021 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 11:24 PM IST
विज्ञापन
Independents will decide the direction of the chair of the District Panchayat President
सुल्तानपुर। भाजपा, सपा और एक निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछ गई है। 45 सदस्यों वाली जिला पंचायत में भाजपा व सपा के पास इतना संख्या बल नहीं कि चुनाव की तस्वीर साफ हो सके।
विज्ञापन

कांग्रेस व बसपा ने चुनाव में अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा है। ऐसे सियासी परिदृश्य में जाहिर तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की दिशा निर्दलीय ही तय करेंगे। निर्दलियों को अपने पाले में करने के लिए प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से सभी तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

पिछले दिनों हुए पंचायत चुनाव में सारी ताकत झोंकने के बाद भी जनता ने कमोबेश सभी सियासी दलों को जमीन पर ला खड़ा किया था। 45 सदस्यीय जिला पंचायत के चुनाव में सपा के सात, बसपा के पांच, कांग्रेस के तीन व भाजपा के मात्र दो प्रत्याशियों को जीत नसीब हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीत के लिए जरूरी 23 सदस्यों के जादुई आंकड़ों से कोसों दूर रहने के बावजूद भाजपा और सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थीं।
तकरीबन पहले से तय माने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए भाजपा समर्थित निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह, सपा समर्थित केशा देवी व निर्दलीय प्रत्याशी अर्चना सिंह के नामांकन के साथ ही सियासी बिसात बिछ गई।
कांग्रेस व बसपा मैदान से बाहर हैं और अब तक उनका रुख भी स्पष्ट नहीं है। जाहिर तौर पर इस सियासी परिदृश्य में निर्दलीय सदस्य ही निर्णायक होंगे। ऐसे में सभी प्रत्याशियों का जोर निर्दलीय सदस्यों को साधने में ही है। इसके लिए शुरू से ही साम, दाम, दंड, भेद के हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
विपक्षी प्रत्याशी व सदस्य पहले ही यह आरोप लगा चुके हैं कि साजिशन जबरन सुरक्षा देकर उनकी मुखबिरी की जा रही है। पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व पूर्व प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू की बहन निर्दलीय प्रत्याशी अर्चना सिंह पिछले दिनों खुद पर राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव बनाने का आरोप लगा चुकी हैं।
उधर, भाजपा विपक्षी प्रत्याशियों के आरोपों को उनकी हताशा बताते हुए सिरे से खारिज करती रही है। फिलहाल आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच सभी प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
पार्टी के घोषित प्रत्याशी के अलावा भी पार्टी के शुभचिंतक होते हैं। सबको टिकट नहीं दिया जा सकता है। पार्टी में विश्वास रखने वाले जो सदस्य जीतकर आए हैं, वे हमारे साथ है। उन्हीं के बल पर हम चुनाव जीतेंगे।
-डॉ. आरए वर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
राजनीतिक परि स्थितियां समाजवादी पार्टी के अनुकूल हैं। जनता भाजपा से आजिज आ चुकी है। हम जीत के आंकड़े को प्राप्त कर लेंगे। हमारे प्रत्याशी को कुल 25 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।

- पृथ्वीपाल यादव, जिलाध्यक्ष, सपा
विपक्षी दलों ने विकास का कोई कार्य नहीं किया है। वरना जनता के बीच उन्हें इतनी जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती। हमें अधिकतर निर्दलीय सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। हम अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं।
- अर्चना सिंह, निर्दलीय प्रत्याशी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed