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इलाज के नाम पर बांट रहे अवैध नर्सिंग होम

Fri, 19 Mar 2021 11:10 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 11:10 PM IST
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illegal nursing homes are running in sultanpur
सुल्तानपुर। शहर से लेकर कस्बों तक में अवैध नर्सिंग होम का जाल बिछा है। इन नर्सिंग होम में कोई प्रशिक्षित चिकित्सक तक नहीं है। ऐसे नर्सिंग होम में इलाज के चक्कर में फंसकर आए दिन लोगों की जान जा रही है। मौत के बाद परिवारीजन हंगामा करते हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हैं लेकिन शायद ही किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई हो। दो दिन पहले बल्दीराय में जच्चा-बच्चा की मौत की बाद फर्जी नर्सिंग होमों का मामला सुर्खिंयों में है।
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जिले के स्वास्थ्य विभाग में 68 नर्सिंग होम/हॉस्पिटल पंजीकृत हैं लेकिन यह संख्या कई गुना अधिक है। शहर से लेकर कस्बों व देहात तक में बिना पंजीयन अवैध नर्सिंग होम की भरमार है। पंजीकृत नर्सिंग होम में भी कुछ ऐसे हैं, जो बिना प्रशिक्षित चिकित्सक के संचालित हो रहे हैं।
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गांव के भोले-भाले लोगों को खुद को चिकित्सक बताने वाले बाकायदा नर्सिंग होम खोलते हैं और मरीजों के ऑपरेशन से लेकर दवाएं तक देते हैं। इनके यहां इलाज करने वालों को पास मेडिकल की डिग्री भी नहीं होती। ऐसे नर्सिंग होमों व चिकित्सकों के झांसे में आकर कई लोगों की जहां मौत हो चुकी है वहीं कुछ लोग हमेशा के लिए अपंग तक हो गए।
हंगामा और अधिकारियों के दखल के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ केस जरूर दर्ज होता है, लेकिन शायद ही कभी ये सलाखों के पीछे पहुंचे हों।
बल्दीराय में एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी की सख्ती के बाद पुलिस ने न सिर्फ नर्सिंग होम पर छापा मारा बल्कि संचालक से लेकर ऑपरेशन करने वाले की डिग्री तक की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि संचालक इंटर पास है तो ऑपरेशन करने वाले ने कक्षा आठ तक की पढ़ाई की है। एसपी के ऐसे नर्सिंग होमों की जांच के लिए डीएम से लेकर सीएमओ तक को पत्र लिखा है।
प्रसव के दौरान ऑपरेशन से हुई महिला की मौत
सुल्तानपुर। गोसाईगंज क्षेत्र के खरगपुर निवासी राजेश्वर पाठक की पुत्री रुचि (24) की शादी 12 मई 2019 को इलाके के पठखौली के संदीप पाठक के साथ हुई थी। प्रसव पीड़ा होने पर चार फरवरी 2020 को रुचि को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में सक्रिय महिला दलाल के झांसे में आकर रुचि पाठक को गभड़िया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि चिकित्सक की लापरवाही से ऑपरेशन के दौरान रुचि की मौत हो गई थी। मामले में मृतका की सास निखिलेश की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने हॉस्पिटल के संचालक, चिकित्सक व दो महिला दलालों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
बर्बाद कर दिया जीवन
सुल्तानपुर। दोस्तपुर क्षेत्र के बिरईपुर भटपुरा गांव निवासी लवकुश की पत्नी रीना के पेट में नवंबर 2019 में दर्द उठा। दर्द से निजात पाने के लिए रीना फरवरी 2020 में दोस्तपुर के राहुलनगर चौराहे के पास स्थित एक क्लीनिक पर उपचार कराने गई। कथित डॉक्टर ने कई बार दवा दी, लेकिन उसके पेट का दर्द ठीक नहीं हुआ।
इसके बाद रीना के हाथ और पांव में फफोले पड़ गए और उसे सेप्टिक हो गया। रीना जब सीएचसी पहुंची तो चिकित्सक ने बताया कि सेप्टिक की वजह से उसके हाथ और पैर का कुछ हिस्सा काटना पड़ेगा। रीना ने इसकी शिकायत तत्कालीन सीएमओ से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थान-बरौंसा
चिकित्सक की लापरवाही से हुई थी प्रसूता की मौत
सुल्तानपुर। मोतिगरपुर क्षेत्र के डंड़वा कलां निवासी अमित मिश्र की पत्नी वंदना को प्रसव के लिए पांच जनवरी 2017 को बरौंसा स्थित आशादीप नर्सिंग होम में ले जाया गया था।नर्सिंग होम के मैनेजर/ चिकित्सक ने शहर में स्थित नर्सिंग होम के एक चिकित्सक को बुलाकर वंदना का ऑपरेशन कराया।
आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक की लापरवाही से वंदना के किडनी में गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई थी। एसपी के दखल के बाद पांच मार्च 2017 को जयसिंहपुर कोतवाली में आशादीप नर्सिंग होम के मैनेजर/चिकित्सक डॉ. एसबी शुक्ला व ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व साजिश करने का केस दर्ज किया गया था।
स्थान-बल्दीराय
ऑपरेशन के दौरान गई नवजात की जान
सुल्तानपुर। बल्दीराय क्षेत्र के लोहरिया गांव की रहने वाली कृष्णा (23) पुत्री तेज बहादुर गर्भवती थी। प्रसव के लिए कृष्णा को बल्दीराय क्षेत्र के अरवल में स्थित मां शारदा हॉस्पिटल व जच्चा-बच्चा केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। इसी हॉस्पिटल में दो दिन पहले जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।

एसीएमओ को सौंपी गई जांच: सीएमओ
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि बल्दीराय में ऑपरेशन के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की मौत मामले की जांच एसीएमओ डॉ. राधा वल्लभ को सौंपी गई है। एसीएमओ एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट देंगे। अवैध नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिना पढ़ाई दवाई करने वालों की जांच के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
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