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ड्रेन की सफाई नहीं होने से बेकार पड़ी सैकड़ों बीघा भूमि
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सुल्तानपुर। इसौली विधानसभा क्षेत्र में ढबिया नाला के जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बड़ी संख्या में किसान अपनी भूमि पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। जिनकी भूमि यहीं तक सीमित है, वे आजीविका के लिए खेती छोड़कर अन्य कार्य कर रहे हैं।
ढबिया-चंदौर ड्रेन (नाला) की सफाई विधानसभा क्षेत्र की बड़ी समस्याओं में है। ड्रेन की सफाई नहीं होने से सैकड़ों बीघे भूमि हमेशा जलमग्न रहती है। करीब 50 साल से जल निकासी की समस्या जस की तस बनी है।
जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से गोविंदपुर, बहुबरा, माधवपुर आचार्य, मड़हा परसपुर, मठा, ढबिया, बड़नपुर, तीर गांव, बसंतपुर, तिवारीपुर, चंदौर, अगई, मुड़ुवा, सडांव, सोती नौगवांतीर, माधवपुर सहित अन्य गांवों के बड़ी संख्या में किसानों की सैकड़ों बीघे कृषि योग्य भूमि जलमग्न रहती है।
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क्षेत्र के कालिका प्रसाद तिवारी, राममिलन वर्मा, राकेश सिंह, सूर्य नारायण निषाद, गद्दीधर सिंह, सूर्यमणि सिंह सहित तमाम किसानों का कहना है कि जलभराव से प्रभावित किसानों के समक्ष रोटी के लाले पड़े हैं। किसान अब खेती छोड़कर प्राइवेट नौकरी या मजदूरी करने को विवश हैं।
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ढबिया-चंदौर ड्रेन (नाला) की सफाई विधानसभा क्षेत्र की बड़ी समस्याओं में है। ड्रेन की सफाई नहीं होने से सैकड़ों बीघे भूमि हमेशा जलमग्न रहती है। करीब 50 साल से जल निकासी की समस्या जस की तस बनी है।
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जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से गोविंदपुर, बहुबरा, माधवपुर आचार्य, मड़हा परसपुर, मठा, ढबिया, बड़नपुर, तीर गांव, बसंतपुर, तिवारीपुर, चंदौर, अगई, मुड़ुवा, सडांव, सोती नौगवांतीर, माधवपुर सहित अन्य गांवों के बड़ी संख्या में किसानों की सैकड़ों बीघे कृषि योग्य भूमि जलमग्न रहती है।
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क्षेत्र के कालिका प्रसाद तिवारी, राममिलन वर्मा, राकेश सिंह, सूर्य नारायण निषाद, गद्दीधर सिंह, सूर्यमणि सिंह सहित तमाम किसानों का कहना है कि जलभराव से प्रभावित किसानों के समक्ष रोटी के लाले पड़े हैं। किसान अब खेती छोड़कर प्राइवेट नौकरी या मजदूरी करने को विवश हैं।