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Sultanpur News: अधिवक्ता संघ का चुनाव कार्यक्रम हाईकोर्ट ने किया रद्द
Thu, 23 Jul 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:38 PM IST
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सुल्तानपुर। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। यह फैसला महिलाओं के लिए 30 फीसदी पद आरक्षित न करने के कारण आया है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन माना गया है। हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को 30 जुलाई तक नियमों में संशोधन कर नई अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट की डबल बेंच का यह आदेश बृहस्पतिवार को सामने आया। अधिवक्ता शशि मिश्रा ने महिलाओं के लिए 30 फीसदी पद आरक्षित न किए जाने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप के मुताबिक, उनके प्रार्थना पत्र के बावजूद चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं दिया गया। हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ के जस्टिस राजन राय और मंजीव शुक्ल की बेंच ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
बार महासचिव दिनेश कुमार दूबे ने बताया कि छह मार्च को आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन बार के सदस्यों के विरोध के कारण बैठक सफल नहीं हो सकी थी। सुनवाई के दौरान रोहित अवस्थी ने भी याचिकाकर्ता शशि मिश्रा की बातों का समर्थन किया। जस्टिस अरुण बंसल और जसप्रीत सिंह की बेंच ने चुनावी प्रक्रिया को रद्द करते हुए नियमों में संशोधन करने के बाद ही चुनाव कराने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने मामले को सात अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया है। इस आदेश से चल रही चुनावी प्रक्रिया महत्वहीन हो चुकी है और 29 जुलाई को प्रस्तावित मतदान भी अब नहीं होगा। इस फैसले से प्रत्याशियों में खलबली मच गई है।
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हाईकोर्ट की डबल बेंच का यह आदेश बृहस्पतिवार को सामने आया। अधिवक्ता शशि मिश्रा ने महिलाओं के लिए 30 फीसदी पद आरक्षित न किए जाने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोप के मुताबिक, उनके प्रार्थना पत्र के बावजूद चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं दिया गया। हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ के जस्टिस राजन राय और मंजीव शुक्ल की बेंच ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
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बार महासचिव दिनेश कुमार दूबे ने बताया कि छह मार्च को आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन बार के सदस्यों के विरोध के कारण बैठक सफल नहीं हो सकी थी। सुनवाई के दौरान रोहित अवस्थी ने भी याचिकाकर्ता शशि मिश्रा की बातों का समर्थन किया। जस्टिस अरुण बंसल और जसप्रीत सिंह की बेंच ने चुनावी प्रक्रिया को रद्द करते हुए नियमों में संशोधन करने के बाद ही चुनाव कराने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने मामले को सात अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया है। इस आदेश से चल रही चुनावी प्रक्रिया महत्वहीन हो चुकी है और 29 जुलाई को प्रस्तावित मतदान भी अब नहीं होगा। इस फैसले से प्रत्याशियों में खलबली मच गई है।
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