फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Got money but didn't buy sweater and shoes, children shivering in school

Sultanpur News: पैसा मिला पर नहीं खरीदा स्वेटर और जूता, स्कूल में कांप रहे बच्चे

Wed, 20 Dec 2023 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Wed, 20 Dec 2023 12:01 AM IST
विज्ञापन
Got money but didn't buy sweater and shoes, children shivering in school
अभिभावकों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे बच्चे
विज्ञापन

कुड़वार(सुल्तानपुर)। अभिभावकों की लापरवाही का खामियाजा ठिठुरन भरी ठंड में बच्चे भुगत रहे हैं। वे बिना ड्रेस, स्वेटर, जूता, मोजा के विद्यालय आ रहे हैं। जबकि अभिभावकों के खाते में शासन से पैसा भेजा जा चुका है। अभिभावक बच्चों का पैसा घर के कामों में खर्च कर दे रहे हैं।
विकासखंड में बेसिक शिक्षा से प्राथमिक स्तर के 103, जूनियर स्तर के 27 और 22 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। शासन से अभिभावकों के बैंक खाते में बैग, यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा के लिए 1100 रुपये और स्टेशनरी के लिए सौ रुपये भेजे जा चुके हैं। क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में बच्चे हांड़ कंपा देने वाली ठंड में विद्यालय आने-जाने को मजबूर हैं। प्राथमिक विद्यालय परसीपुर में नामांकित 74 बच्चों की जगह 61 बच्चों के लिए बैग, यूनिफार्म, स्वेटर, जूता मोजा आदि के लिए धनराशि जुलाई माह में ही अभिभावकों के बैंक खातों में शासन से भेजी जा चुकी है। विद्यालय के करीब दो दर्जन बच्चों के अलावा बाकी बच्चे बिना ड्रेस, स्वेटर, जूता मोजा के स्कूल पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

विद्यालय के कक्षा चार के छात्र आदेश, लक्ष्य, रिवांश, रुद्र प्रताप मानवी, अमन व अनुज, कक्षा तीन के अंशुमान, साक्षी, कक्षा दो के हर्षिता, सानिया, जासमीन आदि बच्चे बिना ड्रेस, स्वेटर, जूता मोजा पहने सोमवार को मिले। इन बच्चों का कहना है कि मम्मी पापा से कहा जाता है, लेकिन खरीद नहीं रहे हैं। वहीं, छात्रा सानिया और जासमीन के पिता निजामुद्दीन का कहना है कि बच्चों को स्वेटर जूता मोजा आदि खरीदा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

परसीपुर की प्रधानाध्यापिका रामा देवी ने बताया कि अभिभावकों को खरीदने के लिए कहा जाता है। अभिभावकों की लापरवाही का दंड बच्चों को नहीं दिया जा सकता है। बीईओ अरविंद बहादुर सिंह का कहना है कि हर विद्यालय में प्रतिमाह शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी कर अभिभावकों को जागरू किया जाता है। जल्द ही सभी बच्चे ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा पहनकर विद्यालय आने लगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed