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जीवनदायिनी से दयनीय हालत में पहुंची गोमती
Amarujala Bureau
Updated Fri, 08 Apr 2016 10:22 PM IST
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सूखती जा रही है गोमती
- फोटो : अमर उजाला
कभी जीवनदायिनी रही गोमती नदी की हालत आज दयनीय हो गई है। कभी लोगों की प्यास बुझाने के साथ रोजगार व सिंचाई के साधन वाली आदि गंगा गोमती सूखने की कगार पर तो मझुई पानी के अभाव में सूख गई है। कचरे से गोमती नदी मैला होने के साथ विषैला भी हो गया है।
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इसकी वजह से जल जीवों के जीवन का खतरा हो गया है। करीब दो वर्ष पहले नदी में आए रासायनिक कचरे से हजारों मछलियां भी मर चुकी हैं। कोई ठोस प्रयास नहीं होने से दोनों नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा हेै।
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आदि गंगा कही जाने वाली गोमती नदी का इतिहास काफी पुराना है। सदियों की याद को समेटे हुए यह नदी आज भी अविरल धारा से बहती जा रही है। हालांकि अब वर्ष दर वर्ष पानी की कमी से गोमती का तट सिमटता जा रहा है।
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अप्रैल माह में ही आधी नदी शहर में सूख गई है। जहां धारा बह रही है वहां भी पानी कम है। वर्ष 1970 व 1980 के दशक में बाढ़ की वजह से नदी के दोनों ओर कई किमी तक लोग घर बनाने से डरते थे। इसके बाद से बाढ़ नहीं आने से अब लोग नदी किनारे घर बनाकर आबाद हो गए हैं। बारिश के दिनों में भी नदी का पानी पेट से बाहर नहीं निकल पा रहा है।