{"_id":"5f19c0068ebc3e639f71e0c4","slug":"found-dead-body-sultanpur-news-lko5321345181","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगल में फंदे से लटकता मिला साधु का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगल में फंदे से लटकता मिला साधु का शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चांदा/कोइरीपुर (सुल्तानपुर)। छतौना बाजार के जंगल में स्थित एक पत्ता वीर बाबा मंदिर पर तीन वर्षों से रह रहे एक साधु का शव बृहस्पतिवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ के सहारे लटकता पाया गया। मंदिर पर पूजा करने पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के छतौना बाजार से एक किलोमीटर दूर स्थित जंगल में एक पत्ता वीर बाबा मंदिर है। मंदिर पर करीब तीन वर्षों से साधु सत्येंद्रानंद सरस्वती उर्फ छोटू बाबा (24) रहते थे। वे आसपास गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के घर पर ही प्रतिदिन भोजन करते थे। बुधवार रात करीब नौ बजे सत्येंद्रानंद सरस्वती भोजन करके एक पत्ता वीर बाबा मंदिर पर विश्राम करने चले गए।
बृहस्पतिवार सुबह मंदिर पर पूजा करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे पेड़ से उनका शव लटकता देखा। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद चांदा कोतवाल चंद्रभान यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह फांसी
नागा बाबा सत्येंद्रानंद सरस्वती की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी पाया गया है। उन्होंने फांसी क्यों लगाई? यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। सीओ लंभुआ लालचंद्र चौधरी ने बताया कि वे गांजा का सेवन करते थे।
विज्ञापन
चांदा कोतवाली क्षेत्र के छतौना बाजार से एक किलोमीटर दूर स्थित जंगल में एक पत्ता वीर बाबा मंदिर है। मंदिर पर करीब तीन वर्षों से साधु सत्येंद्रानंद सरस्वती उर्फ छोटू बाबा (24) रहते थे। वे आसपास गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के घर पर ही प्रतिदिन भोजन करते थे। बुधवार रात करीब नौ बजे सत्येंद्रानंद सरस्वती भोजन करके एक पत्ता वीर बाबा मंदिर पर विश्राम करने चले गए।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार सुबह मंदिर पर पूजा करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे पेड़ से उनका शव लटकता देखा। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद चांदा कोतवाल चंद्रभान यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह फांसी
नागा बाबा सत्येंद्रानंद सरस्वती की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी पाया गया है। उन्होंने फांसी क्यों लगाई? यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। सीओ लंभुआ लालचंद्र चौधरी ने बताया कि वे गांजा का सेवन करते थे।