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प्रवासियों की मौत पर विदेशों से भी मिल रही आर्थिक मदद
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सुल्तानपुर। विदेशों में रहने वाले प्रवासियों की मौत पर संबंधित देश से भी परिवारीजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भारतीय दूतावास के जरिए पीड़ित परिवारीजनों को मदद दिलाई जा रही है। करीब साढ़े चार वर्षों में जिले के 31 लोगों को विदेशों से आर्थिक सहायता मिल चुकी है।
जिले के बड़ी संख्या में लोग विदेशों में रहकर अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर रहे हैं। विदेशों में रहने वाले जिले के लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। इसमें अरब व खाड़ी देशों में रहने वालों की संख्या अधिक बताई जा रही है।
प्रशासन के मुताबिक रोजगार के सिलसिले में विदेशों में जाने वाले काफी लोगों का वहां की सरकार ब्यौरा रखती है। इसमें कुछ का बीमा भी होता है। विदेशों में रोजगार के दौरान प्रवासियों की मौत पर संबंधित देशों की सरकार भारतीय दूतावास के जरिए मृतकों के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराती है।
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हालांकि ऐसे प्रकरण काम आते हैं। भारतीय दूतावास की सूचना पर जिला प्रशासन की ओर से मृतक के परिवारीजनों का सत्यापन कराने के बाद उसका ब्यौरा एकत्र किया जाता है। कलेक्ट्रेट के पटल सहायक अनूप गुप्ता के मुताबिक अभी तक करीब साढ़े चार वर्षों में विदेशों में रहने वाले 31 प्रवासियों के परिवारीजनों को संबंधित देश से आर्थिक मदद मिल चुकी है।
सऊदी अरब से एक को दी गई सर्वाधिक मदद
प्रवासियों के परिवारीजनों को विदेशी सरकारों की ओर से दी जा रही आर्थिक मदद में सऊदी अरब सरकार अभी तक सबसे आगे है। सऊदी अरब (रियाद) सरकार की ओर से करीब साढ़े चार वर्षों में 16 प्रवासियों की मौत पर उनके परिवारीजनों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है।
इसमें जयसिंहपुर के गंगेव गांव निवासी निसार अहमद की मौत पर उनकी पत्नी महजबी बेगम को सर्वाधिक करीब साढ़े 28 लाख रुपये की मदद सऊदी अरब सरकार की ओर से भारतीय दूतावास के जरिए दी गई। जिला प्रशासन ने राशि को मृतक की पत्नी के खाते में भेज दिया है।
विदेशों में रहने वाले प्रवासियों की मौत की सूचना मिलने पर परिवार का सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन के बाद भारतीय दूतावास के जरिए आने वाली राशि को संबंधित के आश्रित को चेक से उपलब्ध कराया जाता है।
-रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी
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जिले के बड़ी संख्या में लोग विदेशों में रहकर अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर रहे हैं। विदेशों में रहने वाले जिले के लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। इसमें अरब व खाड़ी देशों में रहने वालों की संख्या अधिक बताई जा रही है।
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प्रशासन के मुताबिक रोजगार के सिलसिले में विदेशों में जाने वाले काफी लोगों का वहां की सरकार ब्यौरा रखती है। इसमें कुछ का बीमा भी होता है। विदेशों में रोजगार के दौरान प्रवासियों की मौत पर संबंधित देशों की सरकार भारतीय दूतावास के जरिए मृतकों के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराती है।
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हालांकि ऐसे प्रकरण काम आते हैं। भारतीय दूतावास की सूचना पर जिला प्रशासन की ओर से मृतक के परिवारीजनों का सत्यापन कराने के बाद उसका ब्यौरा एकत्र किया जाता है। कलेक्ट्रेट के पटल सहायक अनूप गुप्ता के मुताबिक अभी तक करीब साढ़े चार वर्षों में विदेशों में रहने वाले 31 प्रवासियों के परिवारीजनों को संबंधित देश से आर्थिक मदद मिल चुकी है।
सऊदी अरब से एक को दी गई सर्वाधिक मदद
प्रवासियों के परिवारीजनों को विदेशी सरकारों की ओर से दी जा रही आर्थिक मदद में सऊदी अरब सरकार अभी तक सबसे आगे है। सऊदी अरब (रियाद) सरकार की ओर से करीब साढ़े चार वर्षों में 16 प्रवासियों की मौत पर उनके परिवारीजनों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है।
इसमें जयसिंहपुर के गंगेव गांव निवासी निसार अहमद की मौत पर उनकी पत्नी महजबी बेगम को सर्वाधिक करीब साढ़े 28 लाख रुपये की मदद सऊदी अरब सरकार की ओर से भारतीय दूतावास के जरिए दी गई। जिला प्रशासन ने राशि को मृतक की पत्नी के खाते में भेज दिया है।
विदेशों में रहने वाले प्रवासियों की मौत की सूचना मिलने पर परिवार का सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन के बाद भारतीय दूतावास के जरिए आने वाली राशि को संबंधित के आश्रित को चेक से उपलब्ध कराया जाता है।
-रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी