{"_id":"61a1259dcf73950167364224","slug":"exam-sultanpur-news-lko6062381129","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी परीक्षा के लिए पांच जोन व नौ सेक्टर में बांटा गया जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी परीक्षा के लिए पांच जोन व नौ सेक्टर में बांटा गया जिला
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सुल्तानपुर। अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए प्रशासन की ओर से पूरे जनपद को पांच जोन व नौ सेक्टर में बांटा गया है। सभी उप जिलाधिकारियों को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 34 अधिकारियों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट बनाया गया है। परीक्षा के दौरान स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपनी निगरानी में प्रश्न पत्रों के शील्ड पैकेट खुलवाएंगे और उन्हें वितरित कराएंगे।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 28 नवंबर को किया जाएगा। जिले के 34 परीक्षा केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित होंगी। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षाएं 21 केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परीक्षा को शुचितापूर्ण व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रत्येक पाली के लिए अलग-अलग स्टैटिक मजिस्ट्रेट को नामित किया गया है। स्टैटिक मजिस्ट्रेट सुरक्षा बलों के साथ कोषागार के डबल लॉक से प्रश्नपत्रों के शील्ड कार्टून बॉक्स लेकर परीक्षा केंद्रों पर जाएंगे।
प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पूर्व पहुंचना है। सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट सुबह 6.30 बजे कोषागार पहुंचकर गोपनीय पैकेट प्राप्त करेंगे और निर्धारित समय पर केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक और दो कक्ष निरीक्षकों के समक्ष अपनी उपस्थिति में ही प्रश्नपत्रों को खुलवाएंगे तथा वितरित कराएंगे। प्रश्नपत्र के खोले जाने के समय की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। सभी पांच जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले परीक्षा केंद्रों पर भ्रमणशील रहकर संबंधित सीओ के साथ सुचितापूर्ण व नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराएंगे।
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परीक्षार्थियों को ले जाना होगा प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
टीईटी परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन में अंकित पहचान पत्र की मूल प्रति तथा प्रशिक्षण योग्यता के प्रमाणपत्र अथवा किसी भी सेमेस्टर की निर्गत अंकपत्र की मूल प्रति साथ ले जाना होगा। यदि मूल प्रति उपलब्ध नहीं हो तो संबंधित प्रशिक्षण संस्था के रजिस्ट्रार/सक्षम प्राधिकारी की ओर से इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र की प्रमाणित प्रति साथ ले जाना होगा। अभ्यर्थी के पास वैध प्रवेश पंर, पहचान पत्र की मूल प्रति तथा प्रमाणपत्र नहीं होगा, उसे केंद्राध्यक्ष किसी भी स्थिति में परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देंगे। परीक्षा कक्ष को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व खोला जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल खुलने के तत्काल बाद अपना स्थान ग्रहण करना होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी पहुंचता है, तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष के भीतर प्रवेश पत्र और काले बाल पेन के अलावा किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री, कैलकुलेटर तथा कैलकुलेटर की सुविधा वाली इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां, मुद्रित अथवा लिखित सामग्री, कागज के टुकड़े, मोबाइल फोन, पेजर अथवा किसी अन्य प्रकार का उपकरण लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी के पास उपर्युक्त में से कोई भी सामान मिलता है तो उसकी उम्मीदवारी को अनुचित तरीके के रूप में माना जाएगा। वह सामग्री भी जब्त करते हुए उसकी परीक्षा को रद कर दिया जाएगा। साथ ही उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। केंद्राध्यक्ष अथवा संबंधित निरीक्षक की विशेष अनुमति के बिना कोई भी अभ्यर्थी तब तक अपनी सीट अथवा परीक्षा कक्ष को नहीं छोड़ेगा जब तक परीक्षा का समय समाप्त नहीं हो जाता। परीक्षार्थी अपने उत्तर पत्रक को ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक को सौंपे बिना कक्षा कक्ष से बाहर नहीं जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने बताया कि परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों को शासन के निर्देश के बारे में अवगत करा दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 28 नवंबर को किया जाएगा। जिले के 34 परीक्षा केंद्रों पर प्राथमिक स्तर की परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित होंगी। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षाएं 21 केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परीक्षा को शुचितापूर्ण व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रत्येक पाली के लिए अलग-अलग स्टैटिक मजिस्ट्रेट को नामित किया गया है। स्टैटिक मजिस्ट्रेट सुरक्षा बलों के साथ कोषागार के डबल लॉक से प्रश्नपत्रों के शील्ड कार्टून बॉक्स लेकर परीक्षा केंद्रों पर जाएंगे।
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प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पूर्व पहुंचना है। सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट सुबह 6.30 बजे कोषागार पहुंचकर गोपनीय पैकेट प्राप्त करेंगे और निर्धारित समय पर केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक और दो कक्ष निरीक्षकों के समक्ष अपनी उपस्थिति में ही प्रश्नपत्रों को खुलवाएंगे तथा वितरित कराएंगे। प्रश्नपत्र के खोले जाने के समय की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। सभी पांच जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले परीक्षा केंद्रों पर भ्रमणशील रहकर संबंधित सीओ के साथ सुचितापूर्ण व नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराएंगे।
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परीक्षार्थियों को ले जाना होगा प्रशिक्षण प्रमाणपत्र
टीईटी परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन में अंकित पहचान पत्र की मूल प्रति तथा प्रशिक्षण योग्यता के प्रमाणपत्र अथवा किसी भी सेमेस्टर की निर्गत अंकपत्र की मूल प्रति साथ ले जाना होगा। यदि मूल प्रति उपलब्ध नहीं हो तो संबंधित प्रशिक्षण संस्था के रजिस्ट्रार/सक्षम प्राधिकारी की ओर से इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र की प्रमाणित प्रति साथ ले जाना होगा। अभ्यर्थी के पास वैध प्रवेश पंर, पहचान पत्र की मूल प्रति तथा प्रमाणपत्र नहीं होगा, उसे केंद्राध्यक्ष किसी भी स्थिति में परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देंगे। परीक्षा कक्ष को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व खोला जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल खुलने के तत्काल बाद अपना स्थान ग्रहण करना होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी पहुंचता है, तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष के भीतर प्रवेश पत्र और काले बाल पेन के अलावा किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री, कैलकुलेटर तथा कैलकुलेटर की सुविधा वाली इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां, मुद्रित अथवा लिखित सामग्री, कागज के टुकड़े, मोबाइल फोन, पेजर अथवा किसी अन्य प्रकार का उपकरण लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी के पास उपर्युक्त में से कोई भी सामान मिलता है तो उसकी उम्मीदवारी को अनुचित तरीके के रूप में माना जाएगा। वह सामग्री भी जब्त करते हुए उसकी परीक्षा को रद कर दिया जाएगा। साथ ही उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। केंद्राध्यक्ष अथवा संबंधित निरीक्षक की विशेष अनुमति के बिना कोई भी अभ्यर्थी तब तक अपनी सीट अथवा परीक्षा कक्ष को नहीं छोड़ेगा जब तक परीक्षा का समय समाप्त नहीं हो जाता। परीक्षार्थी अपने उत्तर पत्रक को ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक को सौंपे बिना कक्षा कक्ष से बाहर नहीं जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने बताया कि परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों, केंद्र व्यवस्थापकों को शासन के निर्देश के बारे में अवगत करा दिया गया है।