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फर्जी बिल व हस्ताक्षर बनाकर सरकारी धन का गबन
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गौरीगंज। मत्स्य विभाग में फर्जी बिल व हस्ताक्षर से सरकारी धन के गबन का मामला प्रकाश में आया है। कार्यालय के कर्मचारियों ने बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच कराने की मांग की तो हड़कंप मच गया।
शिकायती पत्र में आत्मा योजना के तहत पालकों के प्रशिक्षण व भ्रमण के लिए आवंटित धनराशि एनजीओ की मिली भगत से आहरित करने तथा विरोध करने पर सितंबर माह का वेतन नहीं देने का आरोप लगाया गया है।
कृषकों की आय बढ़ाने के लिए आत्मा योजना के तहत आवंटित धनराशि का फर्जी बिल व हस्ताक्षर बनाकर निकालने का मामला सामने आया है।
विभागीय कर्मचारी व अधिकारियों ने डीएम प्रशांत शर्मा के साथ ही सीडीओ, उप निदेशक मत्स्य, निदेशक मत्स्य व सचिव को शिकायती पत्र भेजा तो विभाग में हड़कंप मचा गया।
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मत्स्य निरीक्षक आरके गौड़, वरिष्ठ सहायक सुरेंद्र, मत्स्य विकास अधिकारी अनिरुद्ध कुमार व दिवाकर वर्मा की ओर भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में आत्मा योजना के तहत मत्स्य पालकों के भ्रमण व प्रशिक्षण के लिए आवंटित 3.22 लाख रुपये की बंटरबाट कर ली गई।
धन आहरित करने के लिए एक एनजीओ के फर्जी बिल वाउचर के साथ ही स्टाफ के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उप निदेशक कृषि के माध्यम से बिल का भुगतान कर लिया गया। कर्मचारियों ने कार्यक्रम आयोजित नहीं होने के साथ फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही है।
कर्मचारियों का कहना है कि इसका विरोध करने पर उन सब का सितंबर माह का वेतन बाधित कर दिया गया है। कर्मचारियों ने अफसरों से पूरे प्रकरण की जांच करवाते हुए सरकारी धन की रिकवरी कराने व जिम्मेदार मत्स्य अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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शिकायती पत्र में आत्मा योजना के तहत पालकों के प्रशिक्षण व भ्रमण के लिए आवंटित धनराशि एनजीओ की मिली भगत से आहरित करने तथा विरोध करने पर सितंबर माह का वेतन नहीं देने का आरोप लगाया गया है।
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कृषकों की आय बढ़ाने के लिए आत्मा योजना के तहत आवंटित धनराशि का फर्जी बिल व हस्ताक्षर बनाकर निकालने का मामला सामने आया है।
विभागीय कर्मचारी व अधिकारियों ने डीएम प्रशांत शर्मा के साथ ही सीडीओ, उप निदेशक मत्स्य, निदेशक मत्स्य व सचिव को शिकायती पत्र भेजा तो विभाग में हड़कंप मचा गया।
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मत्स्य निरीक्षक आरके गौड़, वरिष्ठ सहायक सुरेंद्र, मत्स्य विकास अधिकारी अनिरुद्ध कुमार व दिवाकर वर्मा की ओर भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में आत्मा योजना के तहत मत्स्य पालकों के भ्रमण व प्रशिक्षण के लिए आवंटित 3.22 लाख रुपये की बंटरबाट कर ली गई।
धन आहरित करने के लिए एक एनजीओ के फर्जी बिल वाउचर के साथ ही स्टाफ के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उप निदेशक कृषि के माध्यम से बिल का भुगतान कर लिया गया। कर्मचारियों ने कार्यक्रम आयोजित नहीं होने के साथ फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही है।
कर्मचारियों का कहना है कि इसका विरोध करने पर उन सब का सितंबर माह का वेतन बाधित कर दिया गया है। कर्मचारियों ने अफसरों से पूरे प्रकरण की जांच करवाते हुए सरकारी धन की रिकवरी कराने व जिम्मेदार मत्स्य अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।