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13 लाख रुपये की धोखाधड़ी से आहत बुजुर्ग की मौत
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सुल्तानपुर। कृषि भूमि अधिग्रहण के तहत सरकार से मिले साढ़े 13 लाख रुपये को एक डाकघर अभिकर्ता ने साजिश कर बुजुर्ग से हड़प लिया। साजिश का जब खुलासा हुआ तो बुजुर्ग की सदमे से मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के बेटे की तहरीर पर आरोपी अभिकर्ता के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
बल्दीराय थाना क्षेत्र के बिछौरा (अतौला) निवासी रामचंद्र यादव को कृषि भूमि अधिग्रहण के तहत उत्तर प्रदेश सरकार से वर्ष 2017 में 21 लाख पांच हजार छह सौ रुपये मिले थे। आरोप है कि जैसे ही सरकार से रुपया मिला तो देहली बाजार निवासी डाकघर अभिकर्ता संजय उनके घर पहुंचा और डाकघर में रुपया जमा करने पर ज्यादा लाभ होने की बात कही।
रामचंद्र डाकघर अभिकर्ता के झांसे में आ गए और उन्होंने 27 जनवरी 2017 को उसको छह लाख रुपये तीन वर्ष के लिए एफडी के लिए दे दिया। आरोपी ने दो तीन दिन बाद रामचंद्र को डाकघर की फर्जी रसीद दिखाकर उन्हें संतुष्ट कर दिया।
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इसके बाद संजय ने अलग-अलग तिथियों में रामचंद्र यादव से कुल 13 लाख 50 हजार रुपये डाकघर में जमा करने के लिए लिया था। तीन वर्ष पूरा होने पर 16 जून 2020 को जब रामचंद्र डाकघर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कोई एफडी नहीं हुई है और न ही डाकघर में उनका रुपया ही जमा है।
इसका खुलासा होने पर रामचंद्र यादव को सदमा लग गया और दो-तीन दिन बाद हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे कृष्ण कुमार यादव ने डाकघर अभिकर्ता के खिलाफ बल्दीराय थाने में तहरीर दी। एसओ बल्दीराय अखिलेश सिंह ने बताया कि अभिकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
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बल्दीराय थाना क्षेत्र के बिछौरा (अतौला) निवासी रामचंद्र यादव को कृषि भूमि अधिग्रहण के तहत उत्तर प्रदेश सरकार से वर्ष 2017 में 21 लाख पांच हजार छह सौ रुपये मिले थे। आरोप है कि जैसे ही सरकार से रुपया मिला तो देहली बाजार निवासी डाकघर अभिकर्ता संजय उनके घर पहुंचा और डाकघर में रुपया जमा करने पर ज्यादा लाभ होने की बात कही।
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रामचंद्र डाकघर अभिकर्ता के झांसे में आ गए और उन्होंने 27 जनवरी 2017 को उसको छह लाख रुपये तीन वर्ष के लिए एफडी के लिए दे दिया। आरोपी ने दो तीन दिन बाद रामचंद्र को डाकघर की फर्जी रसीद दिखाकर उन्हें संतुष्ट कर दिया।
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इसके बाद संजय ने अलग-अलग तिथियों में रामचंद्र यादव से कुल 13 लाख 50 हजार रुपये डाकघर में जमा करने के लिए लिया था। तीन वर्ष पूरा होने पर 16 जून 2020 को जब रामचंद्र डाकघर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कोई एफडी नहीं हुई है और न ही डाकघर में उनका रुपया ही जमा है।
इसका खुलासा होने पर रामचंद्र यादव को सदमा लग गया और दो-तीन दिन बाद हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे कृष्ण कुमार यादव ने डाकघर अभिकर्ता के खिलाफ बल्दीराय थाने में तहरीर दी। एसओ बल्दीराय अखिलेश सिंह ने बताया कि अभिकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।