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Sultanpur News: ओपीडी संग इमरजेंसी संभाल रहे चिकित्सक
Wed, 01 Oct 2025 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:32 AM IST
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. जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज को परामर्श देते चिकित्सक। -संवाद
अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) के सभी पद रिक्त होने के चलते चिकित्सकों को ओपीडी संग इमरजेंसी ड्यूटी भी करनी पड़ रही है। सीएमओ कार्यालय से चार डॉक्टर संबद्ध किए गए हैं, लेकिन चिकित्सा सेवाओं की दशा नहीं सुधर रही है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहां स्वीकृत 34 पदों के सापेक्ष 12 चिकित्सकों की वैसे भी कमी है। ऐसे में इमरजेंसी व ओपीडी के मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में मंगलवार को मनोरोग चिकित्सक डॉ. प्रणव गौतम की इमरजेंसी संग ओपीडी में ड्यूटी थी। वह ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे थे, इसी बीच दोपहर करीब 1:15 बजे जगदीशपुर सीएचसी से रेफर गंभीर मरीज इमरजेंसी में पहुंचा। इमरजेंसी स्टाफ ने फोन कर उन्हें जानकारी दी, जिसके बाद वह ओपीडी छोड़कर इमरजेंसी पहुंचे और मरीज का उपचार किया। ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं है।
जिला अस्पताल में तीन महिला और तीन पुरुष ईएमओ के पद सृजित हैं, लेकिन सभी पद रिक्त हैं। सीएमओ कार्यालय से दो महिला और दो पुरुष चिकित्सक मिले हैं। महिला डॉक्टर महिला विंग में ड्यूटी कर रही हैं। पुरुष विंग में कम से कम चार डॉक्टरों की दरकार है, लेकिन संबद्धता सिर्फ दो की है। ऐसे में दूसरे चिकित्सकों को ओपीडी संग इमरजेंसी ड्यूटी करनी पड़ रही है। चिकित्सक की दो जगह ड्यूटी होने पर ओपीडी संग इमरजेंसी के मरीजों को भी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि ईएमओ के सभी पद रिक्त है। डॉक्टरों की कमी है। जिला अस्पताल में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सेवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों की कमी को लेकर निदेशालय को पत्राचार किया जाता है।
तीन शिफ्टों में डॉक्टर देते हैं इमरजेंसी में सेवाएं
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 100 मरीज उपचार कराते हैं। डॉक्टर तीन शिफ्ट में आठ-आठ घंटे सेवाएं देते हैं। दो संबद्ध डॉक्टरों के इतर जिला अस्पताल के एक चिकित्सक की ड्यूटी रोजाना इमरजेंसी में लगानी पड़ती है।
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जिला अस्पताल में मंगलवार को मनोरोग चिकित्सक डॉ. प्रणव गौतम की इमरजेंसी संग ओपीडी में ड्यूटी थी। वह ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे थे, इसी बीच दोपहर करीब 1:15 बजे जगदीशपुर सीएचसी से रेफर गंभीर मरीज इमरजेंसी में पहुंचा। इमरजेंसी स्टाफ ने फोन कर उन्हें जानकारी दी, जिसके बाद वह ओपीडी छोड़कर इमरजेंसी पहुंचे और मरीज का उपचार किया। ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं है।
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जिला अस्पताल में तीन महिला और तीन पुरुष ईएमओ के पद सृजित हैं, लेकिन सभी पद रिक्त हैं। सीएमओ कार्यालय से दो महिला और दो पुरुष चिकित्सक मिले हैं। महिला डॉक्टर महिला विंग में ड्यूटी कर रही हैं। पुरुष विंग में कम से कम चार डॉक्टरों की दरकार है, लेकिन संबद्धता सिर्फ दो की है। ऐसे में दूसरे चिकित्सकों को ओपीडी संग इमरजेंसी ड्यूटी करनी पड़ रही है। चिकित्सक की दो जगह ड्यूटी होने पर ओपीडी संग इमरजेंसी के मरीजों को भी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि ईएमओ के सभी पद रिक्त है। डॉक्टरों की कमी है। जिला अस्पताल में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सेवाएं दी जा रही हैं। डॉक्टरों की कमी को लेकर निदेशालय को पत्राचार किया जाता है।
तीन शिफ्टों में डॉक्टर देते हैं इमरजेंसी में सेवाएं
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 100 मरीज उपचार कराते हैं। डॉक्टर तीन शिफ्ट में आठ-आठ घंटे सेवाएं देते हैं। दो संबद्ध डॉक्टरों के इतर जिला अस्पताल के एक चिकित्सक की ड्यूटी रोजाना इमरजेंसी में लगानी पड़ती है।