{"_id":"24cc1dd9a8ee29f93090e9d921386d2b","slug":"district-hospital-in-amethi-soon-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असैदापुर में ही बनेगा जिला अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असैदापुर में ही बनेगा जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
Updated Wed, 24 Jun 2015 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज। अमेठी जनपद का जिला अस्पताल का निर्माण गौरीगंज से सटे असैदापुर गांव में होगा। संयुक्त जिला चिकित्सालय के निकट की भूमि पर मालिकाना हक रखने वाले सभी 25 किसान सर्किल रेट पर अपनी जमीनें जिला अस्पताल के लिए प्रशासन को देने को तैयार हैं। किसानों की ओर से लिखित पत्र मिलने के बाद प्रशासन इस भूमि का मौका मुआयना कर चुका है। पहले इस अस्पताल का निर्माण औद्योगिक क्षेत्र टिकरिया स्थित रेल नीर फैक्ट्री के पास
होना था।
एक जुलाई 2010 को अमेठी जिले का गठन होने के बाद जिला मुख्यालय गौरीगंज से सटे गांव असैदापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को संयुक्त जिला अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया गया था। सीएचसी को संयुक्त जिला अस्पताल के रूप में अपग्रेड करने के बाद जिला प्रशासन जिला अस्पताल की स्थापना के लिए सीएचसी के आसपास भूमि तलाश रहा था। शुरुआती कवायद में सीएचसी से उत्तर तरफ स्थित जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले किसानों ने अपनी जमीन देने की बात कही थी।
हालांकि बाद में इन किसानों के पलट जाने के बाद प्रशासन ने टिकरिया स्थित औद्योगिक क्षेत्र पर बने रेल नीर कारखाने के निकट की जमीन को जिला अस्पताल के लिए चिह्नित किया था। इस भूमि पर जिला अस्पताल बनने में अड़चन एसीसी से होने वाला प्रदूषण और रास्ते में पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग थी।
विज्ञापन
इसे देखते हुए प्रशासन किसी अन्य जमीन की तलाश में जुटा था। इसी बीच मंगलवार को असैदापुर सीएचसी से दक्षिण स्थित अस्पताल से सटी भूमि पर मालिकाना हक रखने वाले 25 किसान एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव से मिले और लिखित पत्र देकर अपनी 6.25 एकड़ भूमि निर्धारित मौजूदा सर्किल रेट पर जिला अस्पताल के निर्माण के लिए देने की सहमति दी। किसानों की लिखित सहमति मिलने के बाद एसडीएम ने मंगलवार देर शाम भूमि का मौका मुआयना किया।
विज्ञापन
होना था।
एक जुलाई 2010 को अमेठी जिले का गठन होने के बाद जिला मुख्यालय गौरीगंज से सटे गांव असैदापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को संयुक्त जिला अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया गया था। सीएचसी को संयुक्त जिला अस्पताल के रूप में अपग्रेड करने के बाद जिला प्रशासन जिला अस्पताल की स्थापना के लिए सीएचसी के आसपास भूमि तलाश रहा था। शुरुआती कवायद में सीएचसी से उत्तर तरफ स्थित जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले किसानों ने अपनी जमीन देने की बात कही थी।
विज्ञापन
हालांकि बाद में इन किसानों के पलट जाने के बाद प्रशासन ने टिकरिया स्थित औद्योगिक क्षेत्र पर बने रेल नीर कारखाने के निकट की जमीन को जिला अस्पताल के लिए चिह्नित किया था। इस भूमि पर जिला अस्पताल बनने में अड़चन एसीसी से होने वाला प्रदूषण और रास्ते में पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग थी।
विज्ञापन
इसे देखते हुए प्रशासन किसी अन्य जमीन की तलाश में जुटा था। इसी बीच मंगलवार को असैदापुर सीएचसी से दक्षिण स्थित अस्पताल से सटी भूमि पर मालिकाना हक रखने वाले 25 किसान एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव से मिले और लिखित पत्र देकर अपनी 6.25 एकड़ भूमि निर्धारित मौजूदा सर्किल रेट पर जिला अस्पताल के निर्माण के लिए देने की सहमति दी। किसानों की लिखित सहमति मिलने के बाद एसडीएम ने मंगलवार देर शाम भूमि का मौका मुआयना किया।