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Sultanpur News: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाने का खुलासा

Mon, 03 Jun 2024 02:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Mon, 03 Jun 2024 02:42 AM IST
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Disclosure of making fake birth certificate
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बाहर से बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पड़ताल के दौरान करीब आधा दर्जन फर्जी प्रमाणपत्र बाहर के बने मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सकते में आ गए हैं। महिला अस्पताल के सीएमएस ने शनिवार देर शाम साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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मेडिकल कॉलेज के जिला महिला चिकित्सालय सुल्तानपुर के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र निर्गत होने का मामला सामने आया है। इसका पता चलने पर महिला अस्पताल के सीएमएस की ओर से कराई गई पड़ताल में आधा दर्जन से अधिक प्रमाणपत्र जॉली पाए गए। उस पर अस्पताल के किसी चिकित्सक का हस्ताक्षर नहीं पाया गया। साथ ही जिन बच्चों के नाम प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, उन बच्चों का जन्म अस्पताल में होना नहीं पाया गया।
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जांच के बाद जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सकते में आ गए। महिला अस्पताल के नाम पर काफी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। फर्जीवाड़े की पुष्टि पर सीएमएस डॉ. आरके यादव ने शुक्रवार को दो मामलों का हवाला व उसकी प्रति देते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि जिला महिला चिकित्सालय के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र निर्गत किए जा रहे हैं। इसमें किसी रैकेट के कार्य करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा के निर्देश पर साइबर थाने में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।


दूसरी वेबसाइट से बन रहे जाली जन्म प्रमाणपत्र
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पर पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का हस्ताक्षर प्रिंट है। उस पर लगे बारकोड को स्कैन करने पर जिला महिला चिकित्सालय सुल्तानपुर प्रदर्शित हो रहा है। जांच करने पर इन प्रमाणपत्रों का कोई रिकार्ड महिला अस्पताल में नहीं मिला। विभागीय वेबसाइट लाॅगिंग करने पर ये प्रमाणपत्र दिख नहीं रहे हैं। जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने में किसी अन्य वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुरादाबाद में भी बने थे ऐसे ही फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
वर्ष 2022 में मुरादाबाद में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। वहां पर प्रतिबंधित वेबसाइट से नगर निगम के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बड़े पैमाने पर बनाए जा रहे थे। नगर निगम ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि जन्म प्रमाणपत्र कुछ जनसेवा केंद्र से बनाए गए थे।


यह है जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की व्यवस्था
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में जन्म होने के बाद बच्चों के परिजनों को एक लाल पर्ची दी जाती है। उस लाल पर्ची में शिशु के जन्म का समय, तारीख व माता-पिता का नाम व पूरा पता रहता है। यह पर्ची डिस्चार्ज होने के एक सप्ताह बाद एमसीएच विंग के चौथे तल पर बने जन्म प्रमाणपत्र केंद्र में ले जानी पड़ती है। केंद्र में लाल पर्ची के साथ शिशु के माता-पिता के आधारकार्ड की छाया प्रति जमा करनी पड़ती है। इसके 24 घंटे के भीतर जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।



पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई
अब तक करीब आधा दर्जन फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिल चुके हैं। उन प्रमाणपत्रों पर पूर्व सीएमएस के डिजिटल हस्ताक्षर पाए गए हैं। यदि इस तरह के फर्जी प्रमाणपत्र का प्रयोग करता कोई पाया गया तो संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. आरके यादव, सीएमएस, महिला चिकित्सालय
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