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बुद्ध के बताए रास्ते पर चलने से होगा विकास: डॉ. यशवंत
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तिकोनिया पार्क में आयोजित धम्म महासम्मेलन को संबोधित करते अतिथि।
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सुल्तानपुर। दुनिया को आज बुद्ध की करुणा, शांति और समानता की जरूरत है। जिन देशों ने बुद्ध को अपनाया, वे आज विकसित हैं। भारत को भी विकास के लिए बुद्ध के मार्ग पर चलना होगा। ये बातें बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र डॉ. यशवंत आंबेडकर ने कहीं। वे सोमवार को तिकोनिया पार्क में आयोजित बौद्ध धम्म महासम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जो संविधान और समानता की विचारधारा दी, उसकी जड़ें बुद्ध के उपदेशों में हैं। आज समाज को अंधविश्वास और भेदभाव से ऊपर उठकर बुद्ध के बताए मार्ग को अपनाने की आवश्यकता है। इसके पहले डॉ. अंबेडकर के मंच पर पहुंचते ही ‘जय भीम’ और ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ के नारों से पूरा तिकोनिया पार्क गूंज उठा। बड़ी संख्या धम्म अनुयायी बाबा साहब के पोते की एक झलक पाने को उत्सुक रहे। प्रदेश महासचिव दयाराम बौद्ध, प्रदेश अध्यक्ष श्याम बहादुर बौद्ध, उपाध्यक्ष रत्नाकर राव और उपाध्यक्ष पंचशील बौद्ध मंच पर आसीन रहे।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में जगदीश, शैलेंद्र भीम, जिलाध्यक्ष धर्मराज बौद्ध, शिवनाथ बौद्ध समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सम्मेलन का संचालन शिवनाथ बौद्ध ने किया।
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भिक्खु संघ ने किया था प्रचार
दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया की जिला इकाई के तत्वावधान में 10 दिवसीय श्रमणेर/बौद्धाचार्य प्रशिक्षण शिविर के समापन के उपलक्ष्य में यह सम्मेलन आयोजित किया गया। शिविर के दौरान भिक्खु संघ ने जिलेभर में धम्म का प्रचार-प्रसार किया था।
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उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जो संविधान और समानता की विचारधारा दी, उसकी जड़ें बुद्ध के उपदेशों में हैं। आज समाज को अंधविश्वास और भेदभाव से ऊपर उठकर बुद्ध के बताए मार्ग को अपनाने की आवश्यकता है। इसके पहले डॉ. अंबेडकर के मंच पर पहुंचते ही ‘जय भीम’ और ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ के नारों से पूरा तिकोनिया पार्क गूंज उठा। बड़ी संख्या धम्म अनुयायी बाबा साहब के पोते की एक झलक पाने को उत्सुक रहे। प्रदेश महासचिव दयाराम बौद्ध, प्रदेश अध्यक्ष श्याम बहादुर बौद्ध, उपाध्यक्ष रत्नाकर राव और उपाध्यक्ष पंचशील बौद्ध मंच पर आसीन रहे।
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सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में जगदीश, शैलेंद्र भीम, जिलाध्यक्ष धर्मराज बौद्ध, शिवनाथ बौद्ध समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सम्मेलन का संचालन शिवनाथ बौद्ध ने किया।
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भिक्खु संघ ने किया था प्रचार
दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया की जिला इकाई के तत्वावधान में 10 दिवसीय श्रमणेर/बौद्धाचार्य प्रशिक्षण शिविर के समापन के उपलक्ष्य में यह सम्मेलन आयोजित किया गया। शिविर के दौरान भिक्खु संघ ने जिलेभर में धम्म का प्रचार-प्रसार किया था।